कुरुक्षेत्र। गीता निकेतन विद्या मंदिर में आज अद्वैत वेदांत के प्रणेता महान गुरु व दार्शनिक आदि शंकराचार्य की जयंती मनाई गई । इस दौरान विद्या भारती प्रांत शैक्षिक प्रमुख शेषपाल का प्रवास रहा। प्रात: वंदना सत्र में दीप प्रज्वलन के बाद विद्यालय आचार्या रेनू बाला शंकराचार्य के जीवन पर प्रकाश डाला। इसके बाद विद्यालय छात्रों एवं आचार्यों द्वारा शंकराचार्य चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किए गए।
शेषपाल ने बताया कि शंकराचार्य जैसे अनूठे महापुरुषों के कारण ही हमारी विश्व में पहचान है । आदि शंकराचार्य कहते थे कि विराट विश्व ही परमात्मा का स्वरूप है। वही ईश्वर संपूर्ण जीवधारियों , वृक्ष ,वनस्पति जल ,थल में भावना रूप से विद्यमान है। इसके अतिरिक्त सभी कक्षा प्रमुख के साथ बातचीत की एवं सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। सभी आचार्यों के साथ बैठक की एवं उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए सुझाव दिए एवं प्रत्येक कार्य को समर्पण भाव से करने की प्रेरणा दी।