संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। राम नवमी के उपलक्ष्य में स्कूलों में कार्यक्रमों का आयोजन होना शुरू हो चुका है। गीता निकेतन विद्या मंदिर सेक्टर-3 व गीता कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अमीन रोड में शुक्रवार को राम नवमी के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गीता निकेतन में प्रधानाचार्य सुमित कुमार व विद्यालय प्रबंधक गुलशन ग्रोवर ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की और विद्यालय प्रबंधक व छात्रों ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किए। छात्रों ने सामूहिक रूप से श्री राम स्तुति की। रेनू व निर्मला ने भगवान श्री राम के जीवन पर प्रकाश डाला। इसके बाद विद्यालय प्रबंधक गुलशन ग्रोवर ने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, जिन्होंने त्रेतायुग में रावण का संहार करने के लिए धरती पर अवतार लिया। कौशल्या नंदन प्रभु श्री राम अपने भाई लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न से एक समान प्रेम करते थे। उन्होंने माता कैकेयी की 14 वर्ष वनवास की इच्छा को सहर्ष स्वीकार करते हुए पिता के दिए वचन को निभाया। उन्होंने ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाय पर वचन न जाय’ का पालन किया।
गीता कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अमीन मार्ग कक्षा नौवीं की छात्रा महक एवं पारुल ने रामायण की चौपाई सुनाई। राम दरबार में सभ्य कक्षा चतुर्थ श्री राम जी, हरनूर कक्षा चतुर्थ सीता जी व हरजोत कक्षा चतुर्थ लक्ष्मण जी बनें।छद्मवेश में कक्षा तृतीय की हर्षिता, लगन एवं भारती , सीता जी बनीं। कक्षा नर्सरी की गुंजन सीता जी, देविका श्री राम जी, देव्यांशी शबरी एवं सान्वी सीता जी बनीं। प्राचार्य सुमन बाला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री राम जी का जीवन प्रेरणादायक है, उनके जीवन से आप सभी प्रेरणा लें तथा उनके जैसा बनने की कोशिश करें। अजामिल नामक भक्त की कहानी सुनाकर बताया कि जाने अनजाने में भी अगर भगवान का नाम लिया जाए तो उसका फल जरूर मिलता है। सभी बच्चों ने राम स्तुति गाकर श्री राम जी का नाम लिया। कार्यक्रम में प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अशोक सिंघल, प्रबंधक भूषण गोयल, शिक्षाविद सीडीएस कौशल, प्रांत प्रतिनिधि उपाध्यक्ष राज विज व ममता सूद उपस्थित रहीं।