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आयुर्वेद घर-घर तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य, नया कोर्स किया शुरू : प्रो धीमान

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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में  आयुर्वेद दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पौध
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कुरुक्षेत्र। अब हर वर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। ऐसे आयोजन न केवल आयुर्वेद के महत्व को समाज तक पहुंचाते हैं बल्कि छात्रों, गृहणियों और समाज के हर वर्ग को आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का विज्ञान है। ये विचार श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने व्यक्त किए। वे मंगलवार को विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित 10वें आयुर्वेद दिवस के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना और हवन से हुई।
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कुलपति ने बताया कि गृहणियों के लिए तीन माह का विशेष कोर्स शुरू किया जा रहा है जिसका उद्देश्य घर-घर तक आयुर्वेद पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि गृहणियां आयुर्वेद को अपनाकर अपने परिवार को स्वस्थ बनाएंगी तो समाज भी स्वस्थ और सशक्त बनेगा।

विशेष अतिथि 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि आज आयुर्वेद केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि विदेशों में भी इसकी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विदेशों में लोग आयुर्वेद को जीवनशैली और उपचार पद्धति के रूप में अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा दुनिया को ज्ञान दिया है। योग और आयुर्वेद जैसी अमूल्य धरोहर भारत की देन है और आज इनकी वैश्विक मान्यता हमारे लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर समाजसेवी अशोक रोशा और सुमन सांगवान भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
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1 अक्तूबर से शुरू होगा कोर्स
आयुष विश्वविद्यालय में गृहणियों के लिए आयोजित आयुर्वेद ज्ञान संवाद कार्यक्रम में स्वस्थवृत विभाग की प्रो. सीमा रानी ने महिलाओं को आयुर्वेदिक जीवनशैली और घरेलू स्वास्थ्य उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कुलपति प्रो. धीमान ने बताया कि नया कोर्स एक अक्टूबर से शुरू होगा, जिसमें प्रवेश की प्रक्रिया जल्द आरंभ होगी। इस कोर्स में रोजाना दो घंटे तक योग, आहार-विहार और जीवनशैली संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयुर्वेद दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इनमें भारतीय त्योहारों का स्वास्थ्य की दृष्टि से वैज्ञानिक महत्व विषय पर पोस्टर डिस्प्ले प्रतियोगिता और आचार रसायन एवं विरुद्ध आहार विषय पर सेमिनार शामिल रहे।
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