कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को ब्याज देने का आदेश दिया है। यह फैसला उपभोक्ता रेखा शर्मा की शिकायत पर आया है।
कंपनी को 36.15 लाख रुपये की बीमा राशि पर ब्याज देना होगा। आयोग ने कंपनी को 36.15 लाख रुपये की बीमा राशि पर 20 फरवरी 2020 से भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देने का आदेश दिया गया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. नीलिमा शांगला तथा सदस्य नीलम और रमेश कुमार की खंडपीठ ने यह फैसला थानेसर निवासी रेखा शर्मा द्वारा दायर उपभोक्ता शिकायत पर सुनाया।
शिकायत के अनुसार रेखा शर्मा के पति स्वर्गीय लक्ष्मी कांत ने दिसंबर 2019 में पीएनबी बैंक से गृह ऋण और अन्य ऋण सुविधाएं ली थी। बैंक के माध्यम से उन्होंने पीएनबी मेटलाइफ की दो बीमा पॉलिसियां भी ली थी, जिनके लिए प्रीमियम राशि उनके खाते से काट ली गई थी। बीमा कवर प्रभावी होने के कुछ ही दिनों बाद चार जनवरी 2020 को लक्ष्मी कांत का निधन हो गया।
मृत्यु के बाद बीमा दावा प्रस्तुत किया गया, लेकिन कंपनी ने 30 मई 2020 को पॉलिसी की शर्तों का हवाला देते हुए दावा खारिज कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने विभिन्न मंचों पर न्याय की मांग की। मामला स्थायी लोक अदालत और बाद में बीमा लोकपाल तक पहुंचा। बीमा लोकपाल ने फरवरी 2025 में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को दावा राशि जारी करने का निर्देश दिया था। बीमा कंपनी ने लोकपाल के आदेश के बाद मार्च 2025 में लगभग 36.15 लाख रुपये की बीमित राशि शिकायतकर्ता के खाते में जमा कर दी।
हालांकि शिकायतकर्ता ने दावा किया कि लंबी अवधि तक दावा लंबित रखने और अनुचित रूप से अस्वीकार करने के कारण उसे ब्याज का भी अधिकार है।
मामले की सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि उसने लोकपाल के आदेश का पूर्ण पालन करते हुए बीमा राशि का भुगतान कर दिया है और वह किसी अतिरिक्त दावे की पात्र नहीं है। वहीं शिकायतकर्ता की ओर से दलील दी गई कि भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के नियमों के अनुसार विलंबित भुगतान पर ब्याज देय है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता ब्याज पाने की हकदार है। आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी 36.15 लाख रुपये की राशि पर 20 फरवरी 2020 से भुगतान की वास्तविक तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करे।