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Kurukshetra News: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर खोला 48 घंटे का निर्जला व्रत

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कुरुक्षेत्र। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व संपन्न हुआ। व्रतधारी श्रद्धालु सूर्य उदय होने से पहले ब्रह्मसरोवर के जल में घंटों तक खड़े रहे तथा सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य देकर एवं छठी मैया का पूजन विधि विधान से कर 48 घंटे का निर्जला व्रत खोला। धर्म में आस्था, समर्पण और कठिन तप के प्रतीक छठ पर्व में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर परिवार सहित श्रद्धालु ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंचे। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में राज्यस्तरीय छठ महापर्व का आयोजन किया गया, जिसमें रातभर श्रद्धालु छठी मैया के गीतों पर झूमते रहे।
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छठ महापर्व के कठोर व्रत में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख समृद्धि मांगी। ब्रह्मसरोवर तट के चारो ओर छठी मैया के गीतों की गूंज सुनाई दी। व्रतधारी घंटों तक ठंडे पानी में खड़े होकर सूर्य देव की उपासना करते रहे। महिलाओं और पुरुषों ने समान रूप से कठिन साधना की और सूर्य देव एवं छठ मैया की पूजा की। इस महापर्व में न केवल व्रतधारियों बल्कि उनके परिवारों और श्रद्धालुओं का भी भारी उत्साह देखा गया। सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और बड़ी संख्या में लोग सुबह की पहली किरण का इंतजार करते हुए पानी में खड़े रहे।

छठ महापर्व के संपन्न होते ही श्रद्धालु अपने घरों की ओर रवाना हुए, जिसके चलते बसों और ट्रेनों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई लोग यात्रा के दौरान असुविधा का सामना करते दिखाई दिए तो कई यात्रियों को ट्रेन और बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। चार दिवसीय महापर्व में श्रद्धालुओं की आस्था, संयम और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला, जोकि भारतीय संस्कृति की गहरी आस्था और परंपरा का प्रतीक है।
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