कुरुक्षेत्र/पिपली। भावांतर भरपाई सहित अनेक योजनाओं के तहत प्रदेश व केंद्र सरकार सब्जी एवं फलों की खेती को बढ़ावा देने में लगी है लेकिन इस बार प्याज के भाव में आई मंदी से किसानों में गहरी निराशा देख जा रही है।
प्याज पिछले साल के मुकाबले आधे दाम बिक रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके पीछे पिछले दिनों भारत पाकिस्तान के बीच रहे युद्ध के हालात को भी मुख्य कारण मान रहे हैं। किसानों के मुताबिक प्याज खरीद के लिए व्यापारी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। जिले की पिपली अनाजमंडी आलू के साथ-साथ प्याज के लिए सबसे प्रमुख मंडी मानी जाती है। जहां करीब एक माह से आवक जारी है।
पिछले साल 200 रुपये तक बिका, इस बार एक हजार रुपये : गांव बीड़ मथाना से प्याज लेकर आए किसान हुकुम चंद का कहना था कि वे आलू व प्याज की भरपूर खेती करती है। इस बार भी उन्होंने 12 एकड़ खेत में प्याज की फसल तैयार की लेकिन इसे लेकर यहां मंडी में आए तो निराशा ही हाथ लगी है। इस बार खरीद के लिए ही व्यापारी खुलकर नहीं आ रहे हैं। पिछले साल 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक्री हुई लेकिन इस बार उनका प्याज सबसे ज्यादा 1100 रुपये तक ही बिक सका।