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Kurukshetra News: शिविर के तीसरे दिन हरियाली, मानवता और यातायात सुरक्षा का सार्थक संदेश

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कुरुक्षेत्र। यातायात नियमों के पालन हेतु शपथ लेती स्वयंसेविकाएं। संवाद
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कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की ओर से आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का तीसरा दिन रहा। इसकी शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के मधुर वातावरण में संपन्न हुए हवन यज्ञ से हुई। डॉ. सीमा सिंह और सिमरन के निर्देशन में आयोजित इस पवित्र आरंभ ने पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। इसके बाद सामूहिक एनएसएस गीत प्रस्तुत किया गया जिसने स्वयंसेविकाओं में सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना को और प्रबल किया।
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सुबह के सत्र में स्वयंसेविका पल्लवी की ओर से जुंबा गतिविधि आयोजित की गई। इस ऊर्जावान सत्र ने स्वयंसेविकाओं को शारीरिक फिटनेस, मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व से परिचित कराया। दिन के प्रमुख कार्यक्रम के रूप में स्वयंसेविकाओं ने प्रेरणा वृद्धाश्रम का दौरा किया। यहां उन्होंने वृद्धजनों से संवाद कर उनके जीवन अनुभवों को सुना और प्रेम, सम्मान व सेवा भाव का परिचय दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने उपस्थित बुजुर्गों का मनोरंजन किया। वृद्धाश्रम के संस्थापक जयभगवान सिंगला ने स्वयंसेविकाओं को अपनी स्वरचित कृतियां भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया।

इसके बाद सूबेदार मेजर रविंद्र कौशिक की ओर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि यातायात नियम केवल कानून नहीं बल्कि जीवन रक्षा का आधार हैं। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, ओवरस्पीडिंग, नशे में ड्राइविंग और मोबाइल के उपयोग जैसे खतरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। नियमों के पालन के लिए शपथ भी ली गई।
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यातायात नियमों पर पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाना रहा। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. उपासना आहुजा ने कहा कि युवा वर्ग सड़क सुरक्षा का सबसे बड़ा संवाहक है। यदि युवा नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। सांस्कृतिक सत्र में चारों ओर होगी हरियाली गीत का अभ्यास कराया गया, जो हरित और स्वच्छ भारत का संदेश देता है। दिन का समापन खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
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