कुरुक्षेत्र। मौनी अमावस्या पर सत्संग में संबोधित करती हुई। स्वयं
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर स्थित हंस योग आश्रम कुरुक्षेत्र में मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में मौनी अमावस्या के उपलक्ष्य में महान सत्संग और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभु की उपस्थिति में भक्तों ने आध्यात्मिक माहौल में साधना, भजन और प्रवचनों का आनंद लिया।
सत्संग में अध्यात्मवादी सद्गुरु देव सतपाल के आत्मानुभवी महात्माओं अंतर्मुखी बाई, सुभद्रा बाई, सुनिधि बाई और अर्चना बाई ने भक्तों को भजनों और प्रवचनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। सुभद्रा बाई ने कहा कि मौनी अमावस्या का अर्थ है मन को शांत करना और प्रभु के नाम में लीन होना। उन्होंने बताया कि भगवान का सच्चा नाम जिह्वा से नहीं बल्कि भीतर अनुभव किया जाता है।
संतों के अनुसार वही गुप्त नाम संसार के प्रत्येक कण में विद्यमान है और सांसों के साथ भी चलता है। समय के सच्चे महापुरुष की शरण में जाकर इस नाम को जानना और भजन-अभ्यास करना ही जीवन का वास्तविक कल्याण है। सुनिधि बाई ने सत्संग की महिमा बताते हुए कहा कि पलभर के सत्संग से भी करोड़ों पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मानव तन और सत्संग, दोनों ही दुर्लभ हैं और प्रभु की कृपा से ही प्राप्त होते हैं। यह कृपा तभी सार्थक होती है जब मनुष्य नाम को जानकर नियमित भजन और साधना करता है।
प्रेस सचिव पवन गोयल ने बताया कि 25 जनवरी को जन्माष्टमी पार्क, पंजाबी बाग (नई दिल्ली) में विभु महाराज का जन्मोत्सव और गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाएगा। इसमें सद्गुरु देव सतपाल और अनेक संत उपस्थित रहेंगे। आश्रम में जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भक्तों ने बधाइयां गाईं और नृत्य करते हुए उल्लास व्यक्त किया। पूरे परिसर में उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा। सत्संग के बाद सभी भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में बलदेव सिंह खुराना, राहुल खुराना, कृष्ण लाल सैनी, मामचंद कौल, रेखा रानी, सरोज गोयल, चंपा गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। मौनी अमावस्या पर सत्संग में संबोधित करती हुई। स्वयं