पिहोवा। अंबाला-हिसार नेशनल हाईवे के लिए तीन गांव की अधिगृहीत की गई जमीन का किसानों को आज तक उचित मूल्य नहीं मिल पाया है, जिसके चलते किसानों में रोष गहराता जा रहा है। अब किसान 12 मार्च को गांव ठोल के समीप हाईवे पर संकेतिक धरना देते हुए काम बंद करवाएंगे।
यह फैसला भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की किसान रेस्ट हाउस में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी सहित यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया तो जमकर रोष भी जताया।
चढूनी ने कहा कि काफी लंबे समय से तीन गांव के किसानों का नेशनल हाईवे विभाग के पास रुपया बकाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने डीसी से भी गुहार लगाई थी और कुरुक्षेत्र डीसी ने उनसे सात मार्च तक का समय मांगा था लेकिन अभी तक कुरुक्षेत्र डीसी की ओर से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है।
अब 12 मार्च को गांव ठोल की अनाज मंडी में पहले सभी किसान इकट्ठा होंगे और उसके बाद निर्माणाधीन अंबाला हिसार हाईवे का एक दिन के लिए सांकेतिक काम बंद करवाया जाएगा। इसी दौरान और भी कड़ा फैसला भी लिया जा सकता है।