कुरुक्षेत्र। लेबर चौक पर मजदूगों समर्थन में रोष प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता। स
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिलेभर के मजदूर संगठन, मजदूर मिस्त्री यूनियन, मनरेगा मजदूर यूनियन व जन संघर्ष मंच एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। शहर के लेबर चौकों पर जनसभाओं का आयोजन किया गया। मजदूरों ने शहर में अंबेडकर चौक तक रोष रैली निकाली। मजदूरों ने न्यूनतम वेतन 30 हजार करने की मांग की।
छोटू राम पार्क के पास लेबर चौक पर जनसभा आयोजित की गई। इसमें प्रांतीय प्रधान करनैल सिंह ने मजदूर दिवस के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि 140 वर्ष पहले शिकागो की हे मार्केट में मजदूरों ने आठ घंटे कार्य दिवस की मांग के लिए आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि आज भी मजदूर उसी मुद्दे पर संघर्ष कर रहा है, जबकि वर्तमान में 12 घंटे कार्य दिवस को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने श्रम कानूनों में बदलाव को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि इससे शोषण बढ़ा है और न्यूनतम मजदूरी भी पर्याप्त नहीं है।
मनरेगा मजदूर यूनियन के महासचिव सोमनाथ ने कहा कि मनरेगा कानून को बदलकर नया कानून लागू किया गया है। इसमें रोजगार की गारंटी नहीं है। उन्होंने 15 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि आर्थिक असमानता लगातार बढ़ रही है और मजदूर वर्ग को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने सरकार पर मजदूरों के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप भी लगाया।
कुरुक्षेत्र। लेबर चौक पर मजदूगों समर्थन में रोष प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता। स- फोटो : Archive