कुरुक्षेत्र। नैतिकता एवं सच्चरित्र यौन संचारित संक्रमण एवं प्रजनन प्रणाली संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है और नर्सिंग अधिकारी यौन संचारित एवं प्रजनन प्रणाली संक्रमण रोगों के उपचार एवं निदान में नर्सिंग अधिकारी रोग संबंधी गोपनीयता एवं निजता बनाए रखते हुए रोगी एवं चिकित्सा के बीच में एक महत्वपूर्ण पुल का काम करते हैं। लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल के परामर्श फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने यह जानकारी दी। वे सोमवार को अस्पताल परिसर में स्थित जिला प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित दो-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जिला की स्वास्थ्य संस्थानों के नर्सिंग अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
शिविर का आयोजन जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. रमेश सभ्रवाल के सहयोग से मातृ-स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किया गया था। डॉ. शैली ने बताया कि प्रजनन पथ संक्रमण में वे संक्रमण शामिल हैं जो मनुष्यों के प्रजनन पथ को प्रभावित करते हैं एवं यौन संचारित वे रोग हैं जो यौन संपर्कों के माध्यम से फैलते हैं, लेकिन प्रजनन पद के साथ-साथ शरीर के अंगों को भी प्रभावित कर सकते हैं। कई कारक यौन संचारित रोगों की रोकथाम को मुश्किल बनाते हैं, जिनमें एक या अधिक साथियों के साथ असुरक्षित यौन गतिविधि, सुरक्षित यौन अभ्यासों के बारे में शिक्षा की कमी, अपने साथी के साथ सुरक्षित यौन अभ्यासों के बारे में बात करने की अनिच्छा, स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच में कमी एवं अधूरा इलाज मुख्य रूप से शामिल हैं। शिविर के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए। शिविर का संचालन स्वाति मोहिल ने किया और इस शिविर में जिला की 27 नर्सिंग अधिकारियों एवं डॉ. राजेंद्र सिंह ने भाग लिया।