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नर्स की सहानुभूति और धैर्य चिकित्सा का अभिन्न अंग : प्रो. धीमान

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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में अंतररा
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के अस्पताल परिसर में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने नर्सिंग स्टाफ के योगदान की सराहना करते हुए फूल देकर सम्मानित किया।
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कुलपति ने कहा कि नर्स की सहानुभूति और धैर्य चिकित्सा प्रक्रिया का अभिन्न अंग है। नर्सिंग पेशे में सेवा, समर्पण और स्वच्छता के महत्व पर बल देते हुए चरक संहिता का श्लोक सुनाया। कहा, एक परिचारक (स्टाफ नर्स) में उपचार का ज्ञान (योग्यता),कार्यकुशलता, सेवा भाव और आंतरिक-बाह्य शुद्धता जैसे चारों गुण अनिवार्य हैं। यही गुण किसी नर्स को एक आदर्श सेवा प्रदाता और समाज में सम्मानित व्यक्ति बनाते हैं।

नर्सिंग केवल पेशा नहीं,बल्कि एक तपस्या है। आयुर्वेद में ‘परिचारक’ को उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है, जितना वैद्य को। इससे पहले अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. वैद्य राजेंद्र सिंह चौधरी ने कुलपति का कार्यक्रम में पहुंचने पर स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो.वैद्य सुरेंद्र सिंह सहरावत, नर्सिंग मैटर्स सुपरिटेंडेंट सुमन खन्ना, लता रानी, लीना, हरप्रीत कौर, कुसुम लत्ता, कल्पना, सपना सैनी, जूबाला, सपना रानी, अनीता सिंह, भूमिका, बनीता और पुरुष नर्सिंग ऑफिसर अमन कुमार आदि मौजूद रहे।
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