कुरुक्षेत्र। राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद भी नर्सिंग स्टाफ का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बुधवार को जिले की नर्सें सुबह कुछ समय के लिए विरोध जताने के बाद काम पर लौट आईं, लेकिन शाम होते-होते नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य आदर्श थाना पहुंच गए। यहां उन्होंने रेनू भाटिया के खिलाफ शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि रेनू भाटिया की टिप्पणियों ने पूरे नर्सिंग समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाया है। बिना किसी जांच के नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि समाज में लोग अब उन्हें अलग नजर से देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी लगातार टिप्पणियां की जा रही हैं।
थाने में शिकायत देने पहुंचीं नर्सों ने कहा कि घटना के 10 दिन बाद अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले का ठीकरा नर्सिंग स्टाफ पर फोड़ दिया गया। यदि इतनी गंभीर चिंता थी तो उसी दिन अस्पताल पहुंचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिस दिन घटना हुई, उस दिन अस्पताल में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम चल रहा था जिसमें कई बड़े नेता, डीसी समेत कई अधिकारी आए हुए थे और काफी स्टाफ वहां व्यस्त था। ऐसे में आरोप लगाना कहां तक उचित है।
नर्सों ने कहा कि अस्पताल में कई जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तक नहीं है। बिना सुरक्षा गार्ड कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर कभी चर्चा नहीं हुई। आज स्थिति यह है कि नर्सिंग स्टाफ मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिवार और समाज के लोग सवाल कर रहे हैं, जिससे उनकी वर्षों में बनी छवि को ठेस पहुंची है।
बच्ची को इंसाफ मिले और आरोपी डॉक्टर को सजा हो : प्रधान
जिला नर्सिंग एसोसिएशन की प्रधान गुरमीत कौर ने कहा कि वे पीड़ित बच्ची को न्याय मिलने के पक्ष में हैं और आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पूरे मामले में केवल नर्सिंग स्टाफ को निशाना बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर आरोप है, उससे ज्यादा चर्चा नर्सिंग स्टाफ की हो रही है। उन्होंने कहा कि तीन नर्सों को सस्पेंड करने की बात कह दी गई, जबकि उनका पक्ष तक नहीं सुना गया।
सबूतों की वीडियो देखकर ही कार्रवाई होगी : एसएचओ
आदर्श थाना केयूके एसएचओ सुरिंदर सिद्धू ने शिकायत लेने के बाद कहा कि जो वीडियो नर्सों ने सबूत के तौर दी है उसको देखने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।