कुरुक्षेत्र। पूजा अर्चना व ब्रह्मसरोवर महाआरती के बाद बातचीत करते नवदंपत्ती। संवाद
कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रह्मसरोवर पर आयोजित संध्याकालीन महाआरती और मां कात्यायनी मंदिर के दर्शन ने एनआरआई नव दंपती भारत शर्मा और देवांगी के दिलों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति गहरी श्रद्धा जगा दी। उन्होंने मां कात्यायनी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की साथ ही पवित्र ब्रह्मसरोवर महाआरती में भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि विदेश में रहने वाले माता-पिता यदि अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराएं और गीता के उपदेशों की शिक्षा दें, तो वे जीवन के हर उतार-चढ़ाव का सामना आत्मविश्वास और धैर्य के साथ कर सकते हैं। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को दैनिक जीवन के लिए अमूल्य बताते हुए कहा कि यह न केवल संतुलित जीवन जीने का मार्गदर्शन करती है बल्कि जीवन को एक उद्देश्यपूर्ण दिशा भी देती है। ब्रह्मसरोवर की महाआरती में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता का गहरा अनुभव किया।
पराशक्ति साधक वेद पाठशाला के आचार्य एसएन गौतम और उनके विद्यार्थियों ने महाआरती को पूरी भक्ति और विधि-विधान से संपन्न करवाया। आरती के पश्चात पं. बलराम गौतम ने भारत शर्मा और देवांगी को सम्मानित किया। इस पावन अवसर पर डॉ. संजय शर्मा अध्यक्ष, आरोग्य जनकल्याण ट्रस्ट, प्रो. अजय सुनेजा कॉमर्स विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, शशि बाला, ममता शर्मा, अनुभूति, प्रतीक,अनिल गौतम और शुभम इत्यादि मौजूद रहे।