कुरुक्षेत्र। केडीबी कार्यालय में लिस्ट लगने के इंतजार में खड़े आवेदक। संवाद
कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव शुरू होने में चार दिन शेष हैं लेकिन यहां स्टॉल लेने को लेकर आवेदक कई दिनों से भटक रहे हैं। तीन दिन से स्टॉल मिलने की उम्मीद में आए आवेदक शनिवार को दिन भर भटकते रहे। शाम को ड्रॉ प्रक्रिया शुरू की गई तो इसको लेकर भी उनमें रोष दिखा।
इस बार केडीबी की ओर से स्टॉल देने को लेकर शिल्पकारों व अन्य आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार स्टॉल दिए जाने हैं लेकिन यहां स्टॉल लेने को लेकर आवेदक 20 नवंबर से बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में आवेदक पहुंचे तो उनमें रोष दिखाई दिया। उनका कहना था कि पहले उन्हें 20 नवंबर को ड्राॅ की बात कही गई तो इसके बाद लगातार डेट बढ़ाई जा रही है।
आज ड्राॅ प्रक्रिया शुरू की गई तो उन्हें उस क्षेत्र में स्टॉल अलॉट की जाने लगी जहां पर बिक्री बेहद कम होती है। ऐसे में वे अपना खर्च भी पूरा नहीं कर पाएंगे। वहीं कई स्टेट अवार्डी शिल्पकारों ने भी रोष जाहिर किया कि हर बार उन्हें स्टॉल की ऐवज में ली जाने वाली रकम में कुछ राहत दी जाती थी लेकिन इस बार सामान्य शिल्पकारों की तर्ज पर ही उनसे रकम ली गई।
तय नियमानुसार ही दिए जा रहे स्टाॅल : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि तय किए गए नियमाें के अनुसार ही स्टॉल दिए जा रहे हैं। ब्रह्मसरोवर पर स्थित सभी स्टॉल दी जानी हैं और मनपसंद स्टॉल मिले यह संभव नहीं हो सकता। अवार्डी शिल्पकारों से पहले की तर्ज पर ही भुगतान लिया जा रहा है।