कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के 48 कोष के तीर्थ पर अब इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की मौजूदगी में करीब दो साल पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की मीटिंग में इसके लिए इलेक्ट्रिक बस खरीदने की मंजूरी दी गई थी। लेकिन बसों की खरीद से पहले बसों को चार्ज किए जाने पर सवाल उठने लगा। जिस वजह से बसों की खरीद नहीं हो पाई।
उधर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 48 कोस के लिए बस यात्रा शुरू की थी। रोडवेज विभाग की दो बसों को 48 कोष के लिए चलाया था। लेकिन उक्त रूटों पर बसों को सवारियां नहीं मिल रही थी। जिस वजह से कुछ समय बाद रोडवेज विभाग ने बसों को हटा दिया। लेकिन अब नए बस स्टैंड परिसर में चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाने से बसों के खरीदे जाने की उम्मीद जगी है।
अब धार्मिक स्थलों के लिए इलेक्ट्रिक बस खरीदे जाने की योजना मजबूत हुई है। बसों की खरीद के बाद यात्रियों को बेहतर परिवहन व्यवस्था मिलेगी। धार्मिक स्थानों के लिए बस सेवा न होने के कारण बाहर से आए यात्रियों को ऑटो से सफर करना पड़ रहा है। ऑटो चालक यात्रियों से मनमाने रेट वसूल रहे हैं। बता दें कि रोडवेज की बसों में यात्रियों से 50 रुपये चार्ज किया जा रहा था। उधर केडीबी के मानद सचिव रहे उपेंद्र सिंघल का कहना है कि कुछ दिनों पहले योजना भी बना ली थी तो फाइल भी सरकार को भेजी गइ लेकिन चार्जिंग स्टेशन की बड़ी समस्या आड़े आ रही थी।