कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष अब तक तीन हजार नलबंदी व नसबंदी के ऑपरेशन किए, जिनमें से छह ऑपरेशन विफल रहे। स्वास्थ्य विभाग के सामने जब ऑपरेशन के बाद भी गर्भवती हुई महिलाओं ने इसकी शिकायत की तो प्रशासन ने एक बैठक कर अधिकारियों को ऑपरेशन के आंकड़े व फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक छह दंपती ऐसी है, जिनमें से किसी एक ने ऑपरेशन करवा रखा है। इसके बाद भी गर्भ ठहराव हुआ है। तीन साल में विभाग के पास करीब 18 ऐसे मामले पहुंच चुके हैं। इन मामलों में स्वास्थ्य विभाग करीब दस लाख रुपये दे चुका है। इस संबंध में सिविल सर्जन सुखबीर सैनी की अध्यक्षता में लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि सरकारी नियमानुसार इन दंपतीयों को 60 हजार रुपये अब जुर्माने के रूप दिया जाएगा। वहीं बैठक में पांच दंपतीयों को यह रुपया देने की बात स्वीकार हो पाई, क्योंकि इसमें से एक दंपती के सभी दस्तावेज पूरे नहीं मिले हैं।
परिवार नियोजन अधिकारी डॉ. रमेश सभरवाल ने बताया कि कई मामलों में ऐसा सामने आता है कई बार नसबंदी के ऑपरेशन फेल हो जाते हैं, ऐसे में सरकार की ओर से उन्हें 60 हजार रुपये जुर्माना के तौर पर दिए का प्रावधान है। जो महिला नसबंदी कराती है उसे एक हजार रुपये व जो पुरुष नसबंदी करवाता है उसे दो हजार रुपये सरकार प्रोत्साहन राशि देती है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को नसबंदी कराने के लिए आगे आने की बात कही है।