संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। मारकंडा हेड से बीबीपुर झील की तरफ दीवार हटाने के विरोध में 12 गांवों के लोग उतर आए और भाकियू के बैनर तले महापंचायत की। इसमें दर्जनों की संख्या में किसान पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ-साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी भी पहुंचे।
अधिकारियों द्वारा यथास्थिति को बनाए रखने के लिखित आश्वासन के बाद किसान शांत हुए और महापंचायत एवं धरने की समाप्ति की घोषणा की। सुबह ही किसान महापंचायत में पहुंचने शुरू हो गए थे, जहां यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने किसानों की ओर से विभाग के एक्सईएन को मौके पर बुलाने की मांग रखी। कुछ देर बाद अधिकारियों ने बताया कि एक्सईएन चंडीगढ़ मीटिंग में है। लिहाजा उनके निर्देशानुसार एसडीओ राकेश कुमार किसानों से बातचीत करेंगे।
किसानों ने एसडीओ के सामने मांग रखते हुए कहा कि झील पर दीवार के लिए जो स्थिति बनी हुई है उसे छेड़ने की बजाय वैसे ही रखा जाए। अगर किसी उच्चाधिकारी के लिखित आदेश नहीं है तो उस नेता का नाम बताया जाए, जिसके मौखिक आदेश पर यह दीवार हटाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने किसी भी नेता का नाम लेने से बचते हुए इसे रूटीन की प्रक्रिया बताया और किसानों को लिखित में आश्वासन दिया की मौके पर यथास्थिति रखी जाएगी।
किसी भी प्रकार से दीवार या निकासी चैनल से छेड़छाड़ नहीं होगी। इसके बाद किसानों ने दीवार के सामने से हटी मिट्टी को दोबारा लगाने की बात कही तो वहां खड़ी मशीनों से तुरंत काम शुरू कर दिया गया और मिट्टी लगाकर झील की तरफ आने वाले तटबंधों को मजबूत किया गया। एसडीओ के लिखित आश्वासन के बाद किसान शांत हुए। एसडीओ राकेश कुमार को किसानों की ओर से भी मांग पत्र भी सौंपा गया, जिसमें किसानों ने मांग रखी की निकासी चैनल में खड़े पेड़ों की कटाई करके इसे साफ नहीं किया जाए। क्योंकि पेड़ और अवरोधक हटते हैं तो बाढ़ का सीधा पानी उनके खेतों की तरफ जाएगा, जिससे उनका भारी नुकसान होगा।
एसडीओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे इसे आला अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। तब तक काम बंद रखा जाएगा। इस मौके पर अमृतपाल बाजवा भौर, सुखविंदर भाकियू प्रधान कंवलजीत छज्जूपुर, विनोद बाखली, सुखविंद्र मुकीमपुरा, युवा उप प्रधान गुरलाल असमानपुर, मलकीत बाजवा, गुलाब मुकीमपुरा, विशाल मुकीमपुरा, पंडित देवी चंद शर्मा, भूपेंद्र एडवोकेट, सतविंदर राणा, दविंदर राणा आदि मौजूद रहे।