कुरुक्षेत्र। केडीबी के सीईओ पंकज सेतिया व श्रीकृष्ण संग्रहालय प्रभारी बलवान सिंह दुर्लभ पांडुलि
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण संग्रहालय में रखी करीब 100 दुर्लभ पांडुलिपियों को अब पर्यटक देख ही नहीं बल्कि इनका अध्ययन भी कर सकेंगे। एक क्लिक करते ही इच्छा अनुसार पांडुलिपि व उसका कोई भी पृष्ठ खुल जाएगा जिसके बाद पर्यटक इनका अध्ययन करने के साथ चित्र भी ले सकेंगे। इसके लिए प्रबंधन ने बड़ी पहल करते हुए संग्रहालय को डिजिटल करने की तैयारी की है। यहां क्योसक स्थापित किए जाएंगे। इससे संग्रहालय को भी नया व आधुनिक स्वरूप मिलेगा, वहीं यहां पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ पंकज सेतिया व संग्रहालय प्रभारी बलवान सिंह इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जुटे हैं। इसी संदर्भ में बुधवार को सीईओ पंकज सेतिया ने संग्रहालय के स्टोर रूम में सुरक्षित रखी प्राचीन दस्तावेजों, पाण्डुलिपियों, दुर्लभ लघुचित्रों और प्रस्तर मूर्तियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। केडीबी सीईओ पंकज सेतिया का कहना है कि दुर्लभ पाण्डुलिपियों के डिजिटलीकरण से श्रीकृष्ण संग्रहालय को आधुनिक स्वरूप मिलेगा। यह आज के समय की जरूरत भी है। हर पांडुलिपि व सुरक्षित रखे ग्रंथ में दर्ज ज्ञान लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसी दृष्टि से ही यह कदम उठाया जा रहा है।
उन्होंने इन बहुमूल्य एवं दुर्लभ कलावस्तुओं के वैज्ञानिक संरक्षण, दीर्घकालीन सुरक्षा और सुनियोजित प्रदर्शन पर विशेष बल देते हुए कहा कि इनके संरक्षण एवं चरणबद्ध प्रदर्शन के लिए एक समग्र, व्यावहारिक एवं समयबद्ध योजना तैयार की जाएगी, ताकि यह अमूल्य सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहते हुए आम जनमानस के लिए भी सुलभ हो सके।
कुरुक्षेत्र। केडीबी के सीईओ पंकज सेतिया व श्रीकृष्ण संग्रहालय प्रभारी बलवान सिंह दुर्लभ पांडुलि
कुरुक्षेत्र। केडीबी के सीईओ पंकज सेतिया व श्रीकृष्ण संग्रहालय प्रभारी बलवान सिंह दुर्लभ पांडुलि
कुरुक्षेत्र। केडीबी के सीईओ पंकज सेतिया व श्रीकृष्ण संग्रहालय प्रभारी बलवान सिंह दुर्लभ पांडुलि