कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रह्मसरोवर। संवाद
- फोटो : चार दिन से खिल रही धूप, ठंड से मिली राहत
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र उत्सव से शुरू हुआ गीता महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। श्री जयराम आश्रम, गीता धाम सहित अन्य संस्थाओं की ओर से शुरू किए गए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुके इस महोत्सव में फिर से सामाजिक संस्थाओं की महत्ता दिखाई देने लगी है। इस बार 5 दिसंबर से 25 दिसंबर तक होने वाले महोत्सव में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका और भी बढ़ेगी। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने अभी से ही प्रयास शुरू कर दिए हैं।
पिछले वर्ष 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक चले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार सद्भावना यात्रा निकाली गई थी। गीता के 18 अध्यायों पर आधारित रही इस यात्रा में लंबे अंतराल के बाद सामाजिक संस्थाओं की सार्थक भूमिका दिखाई दी थी। यह यात्रा संस्थाओं की ओर से ही निकाली गई थी। इसके साथ ही महोत्सव का शुभारंभ भी माना गया। इस बार संस्थाओं की यह भागीदारी और भी बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है।
ब्रह्मसरोवर महाआरती में भी दिखेगी भागीदारी
सद्भावना यात्रा के साथ-साथ अन्य कार्यक्रमों के अलावा महाआरती में भी सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए दिन के अनुसार सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी तय किए जाने पर विचार किया जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी महोत्सव में भागीदारी के लिए इस बार भी भरपूर उत्साह दिखाई देने लगा है।
इसी सप्ताह होगी सामाजिक संस्थाओं के साथ बैठक : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने कहा कि यह महोत्सव केडीबी व सरकार का न होकर आम जन का बने, यही प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भी यही आह्वान कर रहे हैं कि महोत्सव में आम जन के साथ सामाजिक संस्थाओं की महत्ता अधिक रहे। सभी मिलकर यह आयोजन करें। इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सप्ताह ही सामाजिक संस्थाओं के साथ बोर्ड की ओर से बैठक की जानी है जिसमें महोत्सव के लिए विस्तार से रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।
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