कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की गलियों और नालियों तक में अब गोबर नहीं बहेगा। इसका न केवल समुचित निपटान किया जाएगा बल्कि इससे गैस व अन्य उत्पाद भी तैयार करवाए जाएंगे। बाहरी गांव के समीप इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। फिलहाल 22 डेयरियों को चिंहित किया गया है जबकि आगे भी सर्वे किया जाएगा।
नगर प्रशासन की ओर से इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए किसी फर्म को जिम्मा सौंपने का निर्णय लिया है। पिछले सप्ताह ही इसके गोबर से उठान व सही निपटान का काम सौंपे जाने के लिए एक सप्ताह के दौरान आवेदन भी मांगें गए हैं। आवेदन मिलते ही अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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स्वच्छता रैंकिंग में लग रहा झटका
शहर की पहचान धर्मनगरी के तौर पर है तो इस पर प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक का फोकस है लेकिन यहां स्वच्छता को लेकर झटका लगता रहा है। लेकिन अब नगर प्रशासन ने मिशन टॉप रैंकिंग के लिए योजनाबद्व कार्य शुरू कर दिया है। इसी के चलते ही अब शहर में स्थित डेयरियां भी निशाने पर ली गई है। सर्वेक्षण में फिलहाल 22 डेरियां सामने आई है, जिन्हें भी नोटिस जारी किए जाने शुरू कर दिए हैं। स्पष्ट कहा जा रहा है कि सड़क व नाली में गोबर बहाना सहन नहीं किया जाएगा। तय स्थान पर ही इसे डालना होगा। पिछले वर्ष ही नगर परिषद 221वीं रैंक पर आई थी तो राज्य में 23वां स्थान मिला था। वर्ष 2023 में केंद्र सरकार 414 रैंक मिली थी और राज्य में 20वां स्थान रहा था।
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मनमानी की तो डेयरी सील भी करेंगे : राजेश कुमार
नप ईओ राजेश कुमार का कहना है शहर को स्वच्छ बनाने में हर किसी को सहयोग करना होगा। गोबर की समस्या से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। निजी फर्म को ठेका दिया जाएगा और गांव बाहरी के समीप परिषद की जमीन इस गोबर के सही निस्तारण के लिए चिंहित की गई है। इसमें सहयोग न करने व मनमानी करने वाली डेयरी को सील करने का भी काम किया जाएगा। नगर प्रशासन का इस बार लक्ष्य टॉप रैंक में आने का है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी।