केयू के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शुक्रवार को परीक्षा शाखा में फायर आई स्कैनर लगवा दिए। इससे एक दिन में 30 हजार कॉपियां स्कैन की जा सकेंगी।
केयू कुलपति हरदीप कुमार ने परीक्षा शाखा के ऑटोमेशन की शुरुआत करते हुए कहा कि इन स्कैनरों के लगने से परीक्षा विभाग की स्पीड बढ़ेगी। कामकाज में भी पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और परीक्षा शाखा दोनों को इससे फायदा होगा। परीक्षा शाखा में स्कैनर लगने से मैनुअल कोडिंग बंद हो जाएगी और परीक्षा परिणाम जल्द तैयार हो सकेंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने कहा कि पहले चरण में बीटेक और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम का ऑटोमेशन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभी दो स्कैनर लगाए गए हैं। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण सैनी, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अनिल वोहरा, डीन ऑफ साइंस प्रो. श्याम कुमार, प्रो. बृजेश साहनी, परीक्षा नियंत्रक पंकज गुप्ता, एक्सईएन पृथ्वी सिंह सैनी, कुलपति के पीए रवि थापा आदि मौजूद रहे।
ऐसे काम करेंगे स्कैनर
स्कैनिंग के बाद उत्तर पुस्तिका को ऑटोमेटिक कोड अलॉट होगा। उसी के आधार पर कंप्यूटर परीक्षा परिणाम तैयार करेगा। यह मशीन ओएमआर पर आधारित परीक्षा परिणाम तैयार करेगी। यूनिवर्सिटी के लिए ऑटोमेशन का काम देख रहे वर्धमान इंफोटेक के सुधीर हुड्डा ने बताया कि यह एक नई टेक्नालॉजी है। इससे काम की स्पीड बढ़ेगी और गलतियां कम होंगी।
थ्री-इन-वन काम करता है स्कैनर
यह स्कैनर आटोमेटिक कोडिंग के साथ, ओएमआर परीक्षा परिणाम, डमी और बार कोड नंबर जनरेट करता है। इसके कारण मशीन से कॉपी गुजरने के बाद डाटा कंप्यूटर में ऑटोमेटिक फीड होता है। परीक्षा परिणाम घोषित करने की पूरी प्रक्रिया आटोमेटिक हो जाती है।