कुरुक्षेत्र। प्रेरणा वृद्धाश्रम में समाज सेवा के कार्यों के साथ साहित्य पर भी विभिन्न कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन होता है। शुक्रवार को प्रेरणा वृद्धाश्रम में प्रेरणा संस्था के सदस्यों तथा बुजुर्गों ने सर्वश्रेष्ठ उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया।
मुंशी प्रेमचंद को श्रद्धा पुष्प अर्पित करने के बाद संगोष्ठी में उनके द्वारा रचित उपन्यासों के बारे में विस्तार से चर्चा की। वृद्धाश्रम के संस्थापक एवं संचालक डाॅ. जय भगवान सिंगला ने बताया कि धनपत राय श्रीवास्तव जिन्हें उनके उपनाम प्रेमचंद के आधार पर मुंशी प्रेमचंद के नाम से जाना जाता है। मुंशी प्रेमचंद भारत के उपन्यास सम्राट माने जाते हैं। डाॅ. सिंगला ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद जी के उपन्यास कोई साधारण उपन्यास नहीं है। उनके उपन्यासों में उस समय के समाज की वास्तविकता को उजागर किया गया है।