कुरुक्षेत्र। प्रवचन देते स्वामी ज्ञानानंद । विज्ञप्ति
शाहाबाद। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के सान्निध्य में श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता की ओर से हुडा ग्राउंड में आयोजित किए जा रहे गीता ज्ञान अमृत उत्सव के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी। दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि भाजपा नेता सुभाष कलसाना, जीओ गीता के राष्ट्रीय सचिव मदन मोहन छाबड़ा, पूर्व नपा प्रधान बलदेव राज चावला, पार्षद ईशु सचदेवा, मारकंडेश्वर मंदिर सभा के प्रधान राज ऋषि गंभीर व युवा भाजपा नेता रजत बंसल ने किया। गीता उत्सव में पूर्व नपा प्रधान सुदर्शन कक्कड़, सिद्धार्थ अस्पताल के एमडी डाॅ. दीपक शर्मा, पवन चड्डा, सन्नी कोहली, दिनेश नरवाल व हैप्पी कालड़ा मुख्य यजमान के रूप में सम्मिलित हुए।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता परंपराओं के सम्मान का ग्रंथ है। हमारे भारत का यह गौरव है कि यहां स्वयं भगवान परंपराओं के सम्मान के लिए अवतार लेते हैं। परंपराओं का सम्मान ही जीवन को महान बनाता है।
परंपराओं के सम्मान से ही राष्ट्र का गौरव बनता है। भारत में अनेक ऐसी दिव्य परंपराएं हैं जिनका वर्णन और जिनके प्रति सम्मान और जिनको व्यापक प्रेरणा बनाने की बात गीता में है। भले ही अवतार परंपरा हो, त्योहार परंपरा हो या संत, ग्रंथ व गुरु परंपरा, वस्तुतः ये सभी परंपराएं भारत की समता, समरसता और सद्भावना की व्यापक प्रेरणा है। समता, समरसता, सद्भावना भारत की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की आवश्यकता है। गीता का यही उद्घोष इस ग्रंथ को वैश्विक स्तर पर उदारता की पहचान और सम्मान दिलवाता है। गीता ज्ञान अमृत उत्सव में शिक्षिका स्मृति के मार्गदर्शन में चलाई जा रही जीओ गीता बाल संस्कार कक्षा के बच्चों ने मंच के माध्यम से गीता श्लोकों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
मंच संचालन का कार्य जीओ गीता के सचिव हरीश मुंजाल व अंकिता हंस बजाज ने बखूबी निभाया। श्रीमद्भगवद्गीता जी की आरती के साथ गीता ज्ञान अमृत उत्सव के द्वितीय दिवस का समापन हुआ। इस अवसर पर राजेश चावला अंबाला, ढूंड राज आनंद, साहिब सिंह भिंडर, प्रो. हरपाल सैनी, चंद्र मोहन कोहली, पार्षद निशा ठकराल, मलकीत सिंह किशनगढ़, प्रवेश शर्मा, डाॅ. रविंद्र वधवा और प्रवीण बवेजा सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। प्रवचन देते स्वामी ज्ञानानंद । विज्ञप्ति