कुरुक्षेत्र। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में काला दिवस कार्यक्रम वीरवार को आयोजित किया गया, जिसमें गुरु घर की गुल्लक का एक भी पैसा खर्च न कर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने बड़ा कदम उठाया है। सारा खर्च संगत ने सहयोग स्वरूप किया है।
प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि समागम में करीब दो हजार संगत शामिल थी, जिसके लिए लंगर का प्रबंध करने पर चार लाख 15 हजार रुपये खर्च हुए, जबकि स्मृति चिह्न एक लाख 50 हजार रुपये से तैयार करवाए गए। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की फोटो पर नौ हजार, शॉल पर 11 हजार, फ्लैक्स पर 12 हजार 820, पार्टीशन (टेंट खर्च) 10 हजार, ऑडिटोरियम किराया एक लाख 50 हजार, कूलर किराया 1400, कार्यक्रम लाइव करवाने पर सात हजार रुपये खर्च हुए। संगत से इस कार्यक्रम में सहयोग की अपील की थी, जिसमें संगत ने भरपूर साथ दिया है। समागम के प्रचार के लिए फ्लैक्स, सोशल मीडिया आदि पर कुछ खर्च नहीं किया गया, जबकि किसी भी स्थान पर प्रधान या सदस्य की भी फ्लैक्स नहीं लगाई गई।
एसजीपीसी आज तक नहीं करवा पाई ऐसे कार्यक्रम
झींडा ने कहा कि 100 साल से बनी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर द्वारा इस तरह का कार्यक्रम नहीं करवाया गया। समागम की पंजाब से आए कुछ नेताओं ने भरपूर सराहना भी की। हरियाणा कमेटी की ओर से एक प्रस्ताव पास किया गया है कि एसजीपीसी सिखों की सबसे बड़ी पार्लियामेंट संस्था है एवं सभी सिख इसका आदर सतकार करती है, जबकि हरियाणा कमेटी एक स्टेट बॉडी है।
एडहॉक कमेटी गुरु घर की गुल्लक का करती रही दुरुपयोग
झींडा ने कहा कि पिछली एडहॉक कमेटी की ओर देखा जाए तो यह दिखाई देता है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी का समर्थन देने के लिए गुरु घर की गुल्लक का दुरुपयोग करते रहे, जैसे कि यातायात व फ्लैक्स आदि। उन्होंने बताया कि संगत की ओर से चुनाव के माध्यम से चुनी गई एक्ट के मुताबिक कमेटी ने कानून के अनुसार ही इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर काला दिवस कार्यक्रम करवा कर रिकाॅर्ड कायम किया है।