कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत देशभर के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों से नवाचारों व नवप्रवर्तनों को ऑनलाइन माध्यम से आमंत्रित किया है। जिला विज्ञान विशेषज्ञ तथा जिला नोडल अधिकारी डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान द्वारा इंस्पायर मानक अवार्ड्स योजना के लिए एक मई से वेब लिंक ओपन कर दिया है तथा ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निश्चित की गई है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता तथा नवीन सोच को उत्पन्न करना है ताकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जा सके। विद्यार्थियों द्वारा नवीन विचारों का चयन विशुद्ध नवीनता, सामाजिक प्रयोज्यता, पर्यावरण बंधुता, उपयोगकर्ता बंधुता तथा तकनीकी रूप में सबलता पर आधारित होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि इंस्पायर अवार्ड मानक के अंतर्गत विद्यालयों द्वारा नवाचारों-नवप्रवर्तनों को डीएसटी के वेब पोर्टल ई-एमआईएएस (ई-मैनेजमेंट ऑफ इंस्पायर अवार्ड्स स्कीम) के वेब लिंक इंस्पायर अवार्ड्स-डीएसटीडॉटजीओवीडॉटइन पर अपलोड किया जाता है। आवेदन के पश्चात राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले एक लाख नवाचारों का चयन किया जाता है तथा चयनित विद्यार्थी को 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी जाती है।
तत्पश्चात सभी चयनित विद्यार्थी स्वयं निर्मित मॉडल को जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में प्रस्तुत करते हैं तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में भाग लेना होता है। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थी अपने मॉडल को राष्ट्र स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में प्रस्तुत करते हैं, जहां से सर्वश्रेष्ठ 60 विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया जाता है, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है।