कुरुक्षेत्र। मारकंडा नदी में 14 सितंबर को डूबी 14 वर्षीय संजू का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। चार दिन तक गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीमों ने सघन तलाशी अभियान चलाया लेकिन गुरुवार को सर्च ऑपरेशन नहीं हुआ। संजू के पिता राम बाबू झांसा हेड पर निगरानी रखे रहे। गोताखोर प्रगट सिंह की टीम शुक्रवार को अंतिम बार सर्च अभियान चलाएगी।
प्रगट सिंह ने बताया कि कलसाना से झांसा तक 13 किलोमीटर के दायरे में दो बार सर्च किया गया। नदी में रेत और गड्ढों ने अभियान को जटिल बनाया। कम पानी के कारण नाव चलाना और गोता लगाना मुश्किल रहा। प्रगट सिंह का मानना है कि संजू किसी गहरे गड्ढे में फंस गई है। शुक्रवार को नदी में पानी का स्तर बढ़ने की संभावना है जिससे तेज बहाव में संजू के ऊपर आने या आगे फंसने की उम्मीद है।
संजू कलसाना में अपने मामा के पास रहकर पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। 14 सितंबर को सहेली नीलम के साथ नदी में नहाने गई थी। दोनों डूबने लगीं, जिसमें नीलम को गांव के युवक जितेंद्र ने बचा लिया, लेकिन संजू बह गई। परिजन निराश होकर घर लौट चुके हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन अभियान की निगरानी कर रहा है।