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Kurukshetra News: न एक्सपायरी डेट न रेट, मिठाई बिक्री की आड़ में मनमानी

Sat, 04 Oct 2025 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। मिठाई की ट्रे पर दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट। संवाद
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मुनीश मुंडे
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कुरुक्षेत्र। त्योहारी सीजन में मिठाई विक्रेताओं की लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। मिठाइयों की गुणवत्ता में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए सरकार ने दो साल पहले कंटेनर पर एक्पायरी डेट से लेकर रेट तक लिखे जाने के आदेश दिए थे। कई मिठाई विक्रेता न सरकार के इस आदेश का पालन कर रहे हैं और न ही उन्हें लोगों के स्वास्थ्य की परवाह है। इस मामले में विभाग द्वारा भी गंभीरता न दिखाए जाने से मिठाई विक्रेताओं की यह मनमानी रुक नहीं रही है।
शुक्रवार को ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रोहतक कार्यक्रम के दौरान स्टाफ के खाने में शामिल मिठाई में कांच का टुकड़ा मिला था, जिससे कथित लापरवाही उजागर हुई थी। यह विभागीय तौर पर बरती जा रही अनदेखी का ही परिणाम है कि धर्मनगरी में भी मिठाइयों की गुणवत्ता व शुद्धता कई बार गुणवत्ता के मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। पिछले साल ही करीब डेढ़ क्विंटल खराब मिठाई को नष्ट करवाया गया था। यहां तक कि भारी मात्रा में मिलावटी पनीर भी पकड़ा गया था। इसके बावजूद अब फिर त्योहारी सीजन में ऐसी ही आशंका जताई जाने लगी है। यहां तक कि प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार की ओर से बेची जा रही मिठाई के कंटेनर पर भी एक्पायरी डेट व रेट तक नहीं लिखा जा रहा।
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हालांकि कुछ दुकानदार तारीख की बजाए मिठाई के कंटेनर पर दो से तीन दिन लिख रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों को पता ही नहीं चलता की मिठाई कितनी पुरानी है। वहीं मिठाई की छोटी दुकानों पर तो इसका जिक्र भी नहीं होता। गाइडलाइन के मुताबिक दुकानदार को मिठाई कब बनी और आप उसे कब तक खा सकते हैं, इसकी जानकारी देनी होती है। दुकानदारों को लगता है कि एक्सपायरी डेट लिखने से मिठाई की बिक्री कम हाे जाएगी।


एक दिन में उपयोग वाली मिठाई
सरकार की एडवाइजरी के अनुसार कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद की एक दिन की समय सीमा मानी जाती है।
दो दिन में उपयोग वाली मिठाई
दुग्ध उत्पाद व बंगाली मिठाई जिनमें मिल्क बादाम, रसगुल्ला, रसमलाई, रबड़ी रसमलाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी, हरिभोग, अनारकली, माधुरी, पाकिजा, रसकदम, रस काटा, खीर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड़ रबड़ी, गुड रसगुल्ला।

चार दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई
मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, पिस्ता बर्फी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बर्फी, सफेद पेड़ा, बूंदी लड्डू, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू, मोतीचूर मोदक, खोया बादाम, मेवा भाटी, फ्रूट केक, खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू, मलाई घेवर, व्रत केसरिया कोकोनट लड्डू, मेवा लड्डू, पिंक बर्फी, तिल बुग्गा, ड्राई फ्रूट तिल बुग्गा, शाही घेवर, खोया केसर बादाम रोल, तिल भाटी, खीर कदम, खीरा बीज बर्फी, खोया कोकोनट बर्फी, मोतीपाक।

सात दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई
घी व ड्राई फ्रूट लड्डू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बूंदी लड्डू, काजू केसर बर्फी, काजू बेक्स गुजिया, बादाम लौंग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मैदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, बेसन बर्फी, काजू रोस कतली।
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30 दिन में उपयोग होने वाली मिठाई
आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, अंजीर खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गजक, चिक्की

सरकार जारी कर चुकी है गाइडलाइन : डॉ. अमित चौहान
फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर डॉ. अमित चौहान का कहना है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की और से गाइडलाइन जारी की जा चुकी है लेकिन अनेक दुकानदार आज भी इसका पालन नहीं कर रहे। निरीक्षण के दौरान सभी को निर्देश दिए जा रहे हैं। समय-समय पर छापामारी भी की जा रही है और त्योहारी सीजन के चलते यह कार्रवाई और बढ़ाई जाएगी।
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