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एलएनजेपी अस्पताल के बाहर लगाया नो बेड अवेलेबल का फ्लैक्स

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। ऑक्सीजन की किल्लत से जहां अस्पतालों की दहलीज पर ही कोरोना पॉजिटिव मरीज की सांसें उखड़ रही है, वहीं व्यवस्थाओं की लाचारी और अस्पतालों की मनमानी के चलते बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद भी टूट चुकी है। अस्पतालों के बाहर नो बेड अवेलेबल के फ्लैक्स लगा दिए गए है। एलएनजेपी अस्पताल के मुख्य गेट पर भी नो बेड अवेलेबल का फ्लैक्स लगा दिया। शहरवासियों और विपक्ष के नेताओं ने इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया गया। हर जगह किरकिरी होने के बाद विधायक सुभाष सुधा और सांसद नायब सैनी एलएनजेपी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे।
सांसद और विधायक ने सीएमओ से कोविड अस्पतालों में दाखिल मरीजों की रिपोर्ट लेते हुए गंभीर मरीजों को दाखिल करने के आदेश दिए हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने फ्लैक्स लगाने के मामले में जांच की मांग उठाई है। उधर डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने एक 3 सदस्यीय कमेटी का गठन करते हुए दावा किया कि कोरोना के संक्रमित सभी मरीजों को कोविड अस्पतालों में उपचार मिलेगा और किसी भी मरीज को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। कमेटी का चेयरमैन डीएमसी को बनाया गया है और आईएमए के सदस्य को शामिल किया है। डीसी का कहना है कि इस कमेटी को एक अन्य फील्ड कमेटी पूरी तरह सहयोग करेगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए। डीसी ने सीएमओ को आदेश दिए कि जिले के सभी सरकारी व निजी कोविड अस्पतालों में मरीजों का समय पर इलाज किया जाना चाहिए और उनको समय पर दाखिला भी मिलना चाहिए।
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अब कमेटी कराएगी मरीज को दाखिल
कोविड के गंभीर मरीजों को सरकारी व निजी अस्पतालों में दाखिला मिले और ठीक हो रहे मरीजों को समय पर डिस्चार्ज किया जा सके, इसके लिए कमेटी का भी गठन किया गया है। डीएमसी कुरुक्षेत्र को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि एलएनजेपी अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. आरके सहाय और आईएमए के प्रधान को सदस्य बनाया है। डीसी ने कहा कि यह कमेटी स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार मरीजों को चेक करने के बाद अस्पतालों में दाखिल कराएगी। आदेशों में कहा कि प्रशासन ने फील्ड में काम करने के लिए एचसीएस अधिकारी गुलजार अहमद, ईओ नप रविंद्र और डॉ. विकास मोद्गिल की एक कमेटी की ड्यूटी लगाई है, यह भी उक्त कमेटी का सहयोग करेगी।
बेड के लिए भटक रहे मरीज और तीमारदार
मंगौली जाटान वासी 37 वर्षीय रामेश्वर कोरोना पॉजिटिव है, जिनकी बुधवार को तबीयत और बिगड़ गई। ऑक्सीजन लेवल 75 तक पहुंच गया, लेकिन कहीं भी कोई बेड उपलब्ध नहीं हुआ। उधर, एलएनजेपी अस्पताल में अपने कोरोना पॉजिटिव माता-पिता को दाखिल कराने के लिए पिपली वासी बीरबल पहुंचा। बीरबल का कहना था कि बेड के लिए भटक रहे हैं, लेकिन बेड नहीं मिल रहा है। बताया कि 29 अप्रैल को उसके माता-पिता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वे खुद भी शादीशुदा हैं और माता-पिता के साथ एक ही कमरे में रहते है। अब उनके माता-पिता की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन उपचार कहीं मिल नहीं रहा।
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दाखिले के लिए मरीज करें 1950 पर डायल: बराड़
डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि कोविड अस्पतालों में मरीजों को दाखिल करने के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर डायल करना होगा, इसके अलावा कमेटी की तरफ से भी एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस नंबर पर सूचना मिलते ही गठित कमेटी एक्टिव मोड में आकर कोरोना मरीज को जांच के बाद दाखिल कराएगी। कमेटी को जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के लिए भी अधिकृत किया गया है।
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