कुरुक्षेत्र। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में एक महीने के भीतर तीन छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं और हॉस्टल नंबर आठ से ही एक सप्ताह के भीतर लगातार दो छात्रों की आत्महत्या के बाद आखिरकार प्रशासन सक्रिय दिखाई दिया।
शनिवार को एनआईटी की तरफ से हॉस्टल आठ में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर तीन-दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें पूर्व छात्रों की मदद ली गई। प्रशासन ने कार्यक्रम में 1982 बैच (सिविल इंजीनियरिंग) के पूर्व छात्र अतुल जैन को बुलाया गया, जिन्होंने छात्रों और हॉस्टल कर्मचारियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस सोसाइटी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण पर जागरूकता बढ़ाना बताया गया।
अतुल जैन ने मानवीय विकास के कई चरणों और मानसिकता की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सोच ही उसके जीवन की दिशा तय करती है। श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मन स्वभाव से चंचल होता है, लेकिन अभ्यास और अनुशासन के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान ध्यान (मेडिटेशन) सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों और कर्मचारियों को माइंडफुलनेस के लाभों का व्यावहारिक अनुभव कराया गया।
एनआईटी की तरफ से पूर्व छात्रों से मदद लेकर सेमिनार आयोजित करने की बात कही गई थी इसी कड़ी में शनिवार को ये कार्यक्रम आयोजित किया गया।