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Kurukshetra News: अब बेटियों में तलाशेंगी नई हॉकी स्टार, रानी रामपाल को मिली चयन की जिम्मेदारी

Tue, 18 Aug 2026 02:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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शाहाबाद। रानीरामपाल। आर्काइव
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। भारतीय महिला हॉकी की पूर्व कप्तान रही शाहाबाद की बेटी रानी रामपाल को अब हॉकी इंडिया की ओर से खिलाड़ियों के चयनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुणे में चल रही हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रानी रामपाल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बतौर चयनकर्ता करीब से देखेंगी और बेहतरीन खिलाड़ियों का चयन करेंगी।
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चयनित खिलाड़ियों को आगे राष्ट्रीय जूनियर शिविर में जगह मिलने का रास्ता खुलेगा। यह प्रतियोगिता 12 से 23 अगस्त तक पुणे में आयोजित हो रही है। कोच बलदेव सिंह से प्रशिक्षित रानी रामपाल के लिए चयनकर्ता की जिम्मेदारी इसलिए भी खास मानी जा रही है कि जिस हॉकी मैदान से उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत की। महज 14 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाली रानी ने करीब डेढ़ दशक तक भारतीय महिला हॉकी को अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने भारत के लिए 254 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 205 गोल किए।
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टोक्यो ओलंपिक में किया था ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारतीय महिला हॉकी टीम ने रानी रामपाल की कप्तानी में टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया था। यह भारतीय महिला हॉकी के ओलंपिक इतिहास का सबसे यादगार अध्याय रहा। रानी को 2020 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास के बाद उन्होंने युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है।
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भारतीय महिला हॉकी को और मजबूत बनाना लक्ष्य
रानी रामपाल का कहना है कि हॉकी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और अब वह अपने अनुभव को युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करके भारतीय महिला हॉकी को और मजबूत बनाना चाहती हैं। चयनकर्ता की जिम्मेदारी उनके लिए केवल खिलाड़ियों का चयन करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रतिभाओं को तलाशना है, जिनमें देश के लिए खेलने का जुनून, अनुशासन, मेहनत और आगे बढ़ने की क्षमता हो। उनका प्रयास रहेगा कि छोटे शहरों, गांवों और उन प्रतिभाशाली बेटियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर आगे आने का अवसर मिले, जिनमें प्रतिभा तो है लेकिन सही मंच की कमी है।
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यह क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत : बलदेव सिंह
द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह भले ही बीमार है लेकिन रानी रामपाल की नई जिम्मेदारी की सूचना मिलते ही उनकी आंखों में फिर से चमक दिखाई दी। उन्होंने रानी रामपाल के चयन पर खुशी जताते हुए कहा कि रानी ने जिस तरह खिलाड़ी के रूप में भारतीय हॉकी को गौरवान्वित किया, उसी तरह अब उनका अनुभव नई पीढ़ी को दिशा देगा। रानी ने खुद संघर्ष से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है। इसलिए वह खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और प्रतिभा को दूसरे लोगों की तुलना में कहीं बेहतर समझ सकती हैं। संवाद
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