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Kurukshetra News: न विधि विधान हो पाया न पहचान, अपनों को तलाशती रही नजरें

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कुरुक्षेत्र। भौरखे हटाने के बाद केडीबी की ओर से जेसीबी से कराई गई सफाई व अपने पितरों की तलाश मे - फोटो : samba news
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कुरुक्षेत्र। सन्निहित सरोवर परिसर में स्थापित पितरों (भौरखों) की हर साल परिवारजन पूजा-अर्चना करते हैं लेकिन वीरवार व शुक्रवार को यहां इन भौरखों का पूजा-अर्चना के साथ न उठान हो सका और न ही पहचान हो पाई। लोग अपनों की तलाश करते रहे लेकिन जेसीबी की ओर से मलबे के ढेर के रूप में भौरखे एकत्रित किए गए।
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कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से जेसीबी से कार्रवाई किए जाने की सूचना पर जब परिवारजन पहुंचे तो सहमे से रह गए। हालांकि केडीबी की ओर से पहले नोटिस दिए जाने और बार-बार इन्हें हटाने की अपील की गई थी। शुक्रवार को दूसरे दिन भी वे अपने भौरखों की मलबे में पहचान के प्रयास करते रहे। उनका कहना था कि यहां से भौरखे पूजा-अर्चना से ही हटाए जाने उचित थे और दूसरी जगह भी स्थापित किए जाने होते हैं। वहीं केडीबी ने शुक्रवार को जेसीबी से यहां पूरी तरह से सफाई करवा दी और वहीं मिट्टी भरवाने का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद यहां योग पार्क व ध्यान केंद्र बनाया जाएगा।
केडीबी व ज्योति नगर के लोगों ने किया हवन यज्ञ
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और ज्योति नगर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने शुक्रवार को हवन यज्ञ का आयोजन किया। इसमें ज्योति नगर के समिति के प्रधान राज सिंह राठी, सदस्य धर्मपाल शास्त्री, सतीश गर्ग, जय गोपाल वत्स, राजेंद्र वशिष्ट, नरेंदर वालिया सहित भारी संख्या में नागरिकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानव सचिव उपेंद्र सिंगल के साथ सदस्य अशोक रोषा, अल्केश मोदगिल और गुरनाम सैनी के साथ एसडीओ भूपेंद्र वालिआ और अन्य कर्मचारियों ने यज्ञ में भाग लिया। यज्ञ के बाद रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से प्रधान राठी सहित कॉलोनीवासियों के साथ सूर्य का एक भव्य मंदिर बनाने का आह्वान किया।
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पिंडदान और अमावस्या की पूजा का विशिष्ट स्थान : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने कहा कि वामन पुराण के अनुसार जिले का सन्निहित सरोवर पितृ तर्पण, पिंडदान और अमावस्या की पूजा का एक विशिष्ट स्थान है। पौराणिक समय में इसका विस्तार आठ कोस का बताया गया है। इसमें दो कोस सरस्वती के तट को स्पर्श करता हुआ था। वर्तमान समय में इसका एक भाग सूर्य कुंड के स्वरूप ज्योति नगर कुरुक्षेत्र में रेलवे लाइन के नजदीक विद्यमान है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने 2014 के गठन के बाद इसके पुनरुत्थान के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के तत्वाधान में हरियाणा टूरिज्म काॅरपोरेशन की ओर से 2016 में जीर्णोद्धार प्रारंभ किया। इसमें सूर्य की किरणों के आकर के घाटों का एक सरोवर, एक परिक्रमा पथ और कथा स्थल इत्यादि का निर्माण हुआ, क्योंकि अमावस्या के दिन इन तीर्थ पर पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।

कुरुक्षेत्र। भौरखे हटाने के बाद केडीबी की ओर से जेसीबी से कराई गई सफाई व अपने पितरों की तलाश मे- फोटो : samba news

कुरुक्षेत्र। भौरखे हटाने के बाद केडीबी की ओर से जेसीबी से कराई गई सफाई व अपने पितरों की तलाश मे- फोटो : samba news

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