संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। विज्ञापन साइट ही नगर परिषद की आमदनी का प्रमुख जरिया होती है, लेकिन पिछले करीब दो साल से ये साइट बंद पड़ी है। इसके चलते नप को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। तीन माह पोर्टल शुरू किया गया, जिसके बाद आमदनी शुरू होने की उम्मीद जगी है।
विदित हो कि नगर परिषद की शहर भर में ही करीब 70 साइटें हैं, जिनमें दर्जनों यूनिपोल भी हैं। नप हमेशा ही इन साइटों पर विज्ञापन के लिए तय किराया वसूल करती रही है, जिससे हर माह लाखों रुपये आमदनी होती है, लेकिन पिछले दो साल से भी ज्यादा समय से ये साइट बंद पड़ी हुई है।
ऐसे में एक ओर जहां इसका दुरुपयोग हो रहा है, वहीं अवैध होर्डिंग व विज्ञापन प्रचार की भी भरमार हो रही है। भले ही नप की ओर से समय-समय पर अवैध होर्डिंग हटाने को लेकर अभियान चलाए जाते रहे हैं, इसके बावजूद इस पर आज तक रोक नहीं लग पाई है।
50 हजार रुपये तक किया जुर्माना
नगर परिषद द्वारा अवैध होर्डिंग को रोकने के लिए कई बार अभियान चलाए गए। विशेष तौर पर पिपली से थर्ड गेट रोड व नेशनल हाईवे से ब्रह्मसरोवर रोड पर विशेष कार्रवाई की गई। पिछले तीन माह के दौरान ही एक हजार से ज्यादा अवैध होर्डिंग, बैनर हटाए गए तो वहीं 20 से ज्यादा चालान भी किए गए। सबसे ज्यादा चालान नए बस अड्डे के समीप एक होटल पर 50 हजार रुपये तक किया गया।
कई जगह घातक हो सकते हैं अवैध होर्डिंग
नगर परिषद के अधिकारियों की मानें तो कई जगह अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग घातक सिद्ध हो सकते हैं। इनमें पुराना बस अड्डा, रेलवे ओवर ब्रिज व नए बस अड्डे के अलावा पिपली गीता द्वार के आसपास का एरिया भी शामिल है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों का ध्यान सीधे इन पड़ता है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इन जगहों से भी अवैध होर्डिंग को हटाए जाने के लिए अभियान चलाया जा चुका है, लेकिन फिर से दोबारा होर्डिंग लगा दिए जाते हैं।
विशेष टीम कर रही कार्रवाई : नरवाल
नप ईओ देवेंद्र नरवाल और जेई अमित कुमार का कहना है कि अवैध होर्डिंग हटाने के लिए विशेष टीम लगाई गई है, जो लगातार कार्रवाई कर रही है। समय-समय पर यह अभियान चलाए जाते रहे हैं और आगे भी जारी रहेंगे। उनका कहना है कि होर्डिंग की वजह से कोई हादसा होने का मामला आज तक उनके संज्ञान में नहीं है। तय साइटों को किराए पर देने के लिए करीब तीन माह पहले पोर्टल शुरू किया गया है।