नगर परिषद सफाई कर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे, जिससे धर्मनगरी की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी दिनभर नगर परिषद का मुख्य गेट घेरे रखा। वहीं वीआईपी कोठियों पर कार्यरत कर्मियों ने भी काम छोड़ दिया है। हड़ताल पर उतरे कर्मियों ने दिनभर नारेबाजी की। साथ ही शनिवार को प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने का एलान किया। इसके बाद सोमवार से नप कार्यालय के सभी कक्षों में तालाबंदी का निर्णय लिया गया है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अब नगर परिषद के सामने शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है। हड़ताल के कारण शुक्रवार को जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। धर्मनगरी में बाजारों से लेकर गलियों तक गंदगी पसरी रही। वहीं नालियों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान शहर में कई जगहों पर निजी कंपनी के कर्मी सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। दूसरी ओर नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर हड़ताल पर उतरे कर्मियों ने ऐलान किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर सागर कुमार, सुनील कुमार, विक्रम सिंह, राजेंद्र सिंह, मीरा देवी, सुमन, रामधारी, जुम्मन सिंह, सुरेंद्र कुमार, विकास, सुरेश कुमार, जसबीर सिंह के साथ-साथ सैकड़ों महिला और पुरुष कर्मचारी मौजूद रहे।
शहर के इन जगहों पर लगे कचरे के ढेर से परेशानी
सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर में शास्त्री मार्केट, दर्रा खेड़ा, गऊशाला बाजार सहित कई अन्य जगहों पर कूड़े के ढेर लगे रहे, जिससे वहां से निकलने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा बाजारों में कई जगहों पर नालियों में पानी भर गया, जो कि ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ गया और वहां से गुजरने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
वीआईपी कोठियों पर भी कर्मियों ने छोड़ा काम
मांगों को लेकर जहां नगर परिषद के सफाई कर्मी हड़ताल पर रहे, वहीं वीआईपी कोठियों में काम कर रहे सफाई कर्मियों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया और इसमें शामिल होकर नारेबाजी की। वहीं संघ के प्रधान सुभाष गुंसर का कहना है कि ये कर्मी अब पूरी हड़ताल के दौरान वीआईपी कोठियों पर काम के लिए नहीं जाएंगे।
मांगे न मानने तक हड़ताल रहेगी जारी : गुंस्सर
नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष गुंस्सर का कहना है कि जब तक सफाई कर्मियों की मांगे नहीं मान ली जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। पहले भी कई बार सरकार की ओर से खाली आश्वासन दिए गए, लेकिन इस बार मांगों के पूरा होने पर ही हड़ताल खत्म होगी। इस बार कर्मचारियों में भारी गुस्सा है, जिसके चलते इस बार अस्थायी और स्थायी कर्मचारी एकजुट होकर हड़ताल में शामिल हैं। इसके अलावा रोहतक में होने वाली चार फरवरी को आक्रोश रैली में भी नगरपालिका के सैकड़ों कर्मचारी हिस्सा लेंगे।
सफाई कर्मियों की ये हैं मांगे
-बढ़ी हुई पे का एरियर व एलटीसी
-पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए
-कौशल रोजगार निगम भंग किया जाए
-खाली पदों पर पक्की भर्ती की जाए
-आरक्षित वर्ग के बैकलॉग को पूरा करना
-हरियाणा का अलग वेतन आयोग गठित करना
-सरकारी विभागों में निजीकरण बंद करना
-कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना