कुरुक्षेत्र। हरियाणा व उत्तराखंड के कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सियासी पाठशाला में शुक्रवार को पार्टी संगठन से लेकर अनुशासन व धरातल की राजनीति तक के गुर सिखाए गए। इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख कोपुल्ला राजू व कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम पहुंचे थे।
धर्मनगरी की पंजाबी धर्मशाला में सुबह के सत्र में ही दोनों नेताओं न हर बारीकी पर चर्चा की, कहा कि जिलाध्यक्ष पार्टी संगठन की अहम कड़ी है और पार्टी की विचारधारा के साथ-साथ लक्ष्य की भी गहनता से समझ होनी चाहिए। हर जिलाध्यक्ष को धरातल पर जाकर लोगों की छह छोटी व बड़ी समस्या को प्रमुखता से उठाने की समझ के साथ पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर देना होगा।
दिन भर चली सियासी क्लास में जिलाध्यक्षों द्वारा एक दिन पहले वीरवार को चारों विधानसभाओं के 12 गांवों के धरातल के मुद्दों व स्थानीय स्तर की राजनीति को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। वहीं अब संभावना जताई जा रही है कि इस रिपोर्ट के आधार पर पार्टी की ओर से भविष्य के लिए अहम कदम उठाया जा सकता है। उधर शाम के सत्र के उपरांत करीब साढ़े पांच बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें दोनों प्रदेशों की सांस्कृति संगम दिखाई दिया।
सैलजा ने उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के साथ किया मंथन
उत्तराखंड की कांग्रेस प्रदेश प्रभारी एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा वीरवार देर शाम कार्यशाला पहुंची, जहां उन्होंने उत्तराखंड के सभी जिलाध्यक्षों के साथ यहां सीखी जा रही बारीकियों के अलावा पार्टी के संगठन को ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूत बनाए जाने पर करीब डेढ़ घंटा तक मंथन किया। उन्होंने कहा कि करीब एक साल बाद उत्तराखंड में चुनाव होने हैं, जिनके लिए हर जिलाध्यक्ष को यहां सिखाए जा रहे गूढ़ गुरों के साथ तैयार होना होगा।
ऐसी क्लास तो कभी स्कूल में भी नहीं लगी
चार दिन से सियासी गुर सिख रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष कार्यशाला को लेकर उत्साहित है तो हैरान भी है। सत्र के बीच जलपान हुआ तो चर्चा करते दिखाई दिए कि ऐसी क्लास तो कभी स्कूल में भी नहीं लगी लेकिन जो यहां बताया जा रहा है उसका फायदा बहुत मिलने वाला है। अनेक जानकारियों से वे कार्यशाला में ही अपडेट हो पाए हैं।