कुरुक्षेत्र। एमओयू की प्रति दिखाते कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल सहित अन्य सदस्य। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की ओर से शुक्रवार को भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (आईसीएआई) के साथ एक अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया। यह एमओयू नई दिल्ली के ललित होटल में आयोजित ग्लोबल एजुकेशन समिट : कॉमर्स एंड अकाउंटेंसी के दौरान किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल और वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. महाबीर नरवाल ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। समिट में प्रो. तेजिंदर शर्मा भी उपस्थित रहे।
कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि यह समझौता वाणिज्य, लेखांकन और प्रबंधन शिक्षा को उद्योगोन्मुख बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। इससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान, पेशेवर कौशल और रोजगारोन्मुख अवसरों में वृद्धि होगी। प्रो. महाबीर नरवाल ने बताया कि एमओयू के तहत बीकॉम, बीकॉम (ऑनर्स), एमकॉम, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों का पाठ्यक्रम विकास, फैकल्टी प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के कौशल विकास और व्यावसायिक मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही संयुक्त रूप से कार्यशालाएं, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, अतिथि व्याख्यान और शोध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इसके अलावा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआईएफएम) के बीच भी 8 जनवरी को एक अलग एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यह दस्तावेज डीन अकादमिक अफेयर्स डॉ. राकेश कुमार और प्रो. महाबीर नरवाल की ओर से हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते का उद्देश्य सार्वजनिक वित्त, कराधान, बजटिंग, वित्तीय प्रशासन और नीति-आधारित शोध में सहयोग को बढ़ावा देना है। विभागाध्यक्ष प्रो. महाबीर नरवाल ने बताया कि ये दोनों एमओयू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार, कौशल विकास और शोध को नई दिशा देंगे। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और फैकल्टी तीनों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे।