कुरुक्षेत्र। राजस्थान की धरा पर शनिवार को श्रीनाथ जी के तीर्थ नाथद्वारा में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान आध्यात्मिक ज्ञान, भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। राजस्थान में पहली बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। पहले दिन गीता संगोष्ठी में विद्वानों ने विचार-विमर्श किया और गीता सद्भावना यात्रा से आमजन मानस को पवित्र ग्रंथ गीता के साथ जोड़ने का अनोखा प्रयास किया।
प्रदेश सरकार, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और राजस्थान सरकार के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से राजस्थान के नाथद्वारा में महोत्सव का आगाज हुआ। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद और विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने पवित्र ग्रंथ गीता पूजन के साथ विधिवत रूप से मंत्रोच्चारण के साथ दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इस महोत्सव के पहले दिन श्रीमद्भगवद गीता के सार्वभौमिक प्रासंगिकता विषय पर गीता संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस संगोष्ठी में स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को देश की महान विभूतियों ने अनुसरण किया और विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने के साथ-साथ आमजन मानस के लिए अनूठे उदाहरण भी स्थापित किए।
उन्होंने पवित्र ग्रंथ गीता के जीवनोपयोगी सूत्रों और भजनों से सबको भाव विभोर करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड भगवान कृष्ण से संबंधित सभी स्थानों पर गीता भाव जागृत करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थल पर गीता सुनने से लाभ तो मिलता है।
विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का और विस्तार किया जाएगा। इस दौरान सीईओ श्रीनाथ मंदिर ने भी कहा कि कुबेर तीर्थ वल्लभ आचार्य ने कुबेर तीर्थ पर भक्ति की वे जल्दी ही इस तीर्थ का भ्रमण करेंगे और इस तीर्थ के जीर्णोद्घार में अपना सहयोग करेंगे।
इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर पूर्व वाइस चांसलर डाॅ. मार्कण्डेय आहूजा और डॉ. दिनेश चहल ने पवित्र ग्रंथ गीता पर अपने विचारों को साझा किया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ पंकज सेतिया, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, गुरनाम सैनी, अल्केश मोदगिल व विजय नरूला आदि उपस्थित रहे।
आज वैश्विक गीता पाठ, गीता यज्ञ और प्रदर्शनी
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने कहा कि 15 मार्च को वैश्विक गीता पाठ, गीता यज्ञ और प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम होंगे। इस महोत्सव में सहयोगी संस्था जीओ गीता की ओर से अनेक धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग के साथ नाथद्वारा और आसपास के क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया। श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।