कुरुक्षेत्र। गीता से प्रेरणा लेकर कर्नाटक के 60 वर्षीय नागराज गोड़ा अपनी साइकिल पर 30 हजार किलोमीटर की यात्रा करके धर्मनगरी पहुंचे हैं। नागराज ने तीन दिसंबर 2017 को साइकिल पर पूरे देश का भ्रमण करने के लिए यात्रा आरंभ की थी। अपनी इस यात्रा के दौरान वह 13 राज्यों का भ्रमण कर चुके हैं। उनको दिल्ली से कश्मीर जाना था, मगर श्रीमद्भगवद्गीता से प्रेरणा पाकर गोड़ा कश्मीर जाने की बजाय धर्मनगरी पहुंच गए।
दरअसल, नागराज गोड़ा पर्यावरण बचाओ, राष्ट्रीय एकता, पानी बचाओ, सर्वधर्म समभाव के प्रति जागरूक करने के लिए निकले थे, मगर गीता ने उनको अपनी ओर खींच लिया। अब अपने इस उद्देश्य के साथ गीता का प्रचार भी करेंगे। अब वह गीता के पावन संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुंचने का नया संकल्प लेकर यात्रा आरंभ करेंगे।
विशेष बातचीत में जिला हासन के रहने वाले नागराज गोड़ा ने बताया कि वह 30 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा गीता ज्ञान प्राप्त करने और अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में शामिल होने के लिए धर्मनगरी आए हैं। वह 13 राज्य कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश व तेलंगाना की यात्रा कर चुके हैं। वह अपनी यात्रा से लोगों को राष्ट्रीय एकता, पानी बचाओ हरियाली बचाओ और सर्वधर्म समभाव के प्रति लोगों में जागृति करने का संदेश लेकर निकले हैं। दिल्ली में उनको जानकारी मिली कि कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव का आयोजन हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए वह धर्मनगरी पहुंचे हैं।
बताया कि वह मात्र 10वीं पास है, मगर गीता के प्रति उनका दृढ़ विश्वास है। इस कारण वह खुद को रोक नहीं पाए और कश्मीर जाने की बजाय कुरुक्षेत्र पहुंच गए। यहां संतों के प्रवचन और गीता ज्ञान लेकर धर्मनगरी से अपनी यात्रा का आरंभ करेंगे। अपनी इस यात्रा में वह गीता का प्रचार भी विभिन्न प्रदेश में करेंगे।
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कई मुख्यमंत्री कर चुके सम्मानित
----------------------------------गोड़ा ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान कई मुख्यमंत्री उनको सम्मानित कर चुके हैं। हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनका हौसला बढ़ाया। इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें सम्मानित कर चुके हैं।