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बिजली बिल न भरने पर काटा पालिका का कनेक्शन

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गर पालिका पर एक करोड़ 13 लाख 15 हजार 621 रुपये का बिजली का बिल पेंडिंग होने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए कनेक्शन काट दिया। इसके जवाब में पालिका ने भी बिजली विभाग को बगैर इजाजत लिए बिल्डिंग निर्माण करने का नोटिस भेजा है। इसके अलावा बिजली विभाग पर अपना हाउस टैक्स, बिल्डिंग टैक्स व म्यूनिसिपल टैक्स खंगाल रही है। पालिका ने ढाई साल से अपना बिजली का बिल नहीं भरा है। लिहाजा सोमवार सुबह 10 बिजली विभाग के कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए पालिका का बिजली का कनेक्शन काट दिया। फिलहाल पालिका ने जनरेटर चलाकर काम कर रही है। हालांकि मंगलवार को शहीदी दिवस की छुट्टी होने के कारण पालिका में कामकाज बंद रहा, लेकिन आज बुधवार से पालिका को जनरेटर चलाकर जन सेवा के कार्य करने होंगे। बता दें यह कोई पहला मौका नहीं है, तीन साल पहले भी दोनों विभाग अपने बिल और टैक्स को लेकर आमने-सामने हो चुके है। तब सीएम मनोहर लाल ने दोनों पालिका का 98 लाख रुपये का बिल भरकर मामला शांत कराया था। हालांकि यह भी चर्चा है कि बिजली विभाग पालिका को बार-बार बिल अदा करने का नोटिस भेज रहा था, जिसके जवाब में पालिका ने गत माह पालिका ने बिजली विभाग को उसकी इजाजत के बिना बिल्डिंग निर्माण करने का नोटिस भेजा था। इसके जवाब में बिजली विभाग ने सोमवार को अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले को लेकर पिहोवा शहरी क्षेत्र के एसडीओ ललित अत्री ने बताया कि पालिका का पिछले ढाई साल का करीब सवा करोड़ रुपये का बिजली का बिल अटका हुआ है। अब जब तक बिल की अदायगी नहीं होगी कनेक्शन नहीं लगाया जाएगा।
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एसडीओ ललित अत्री ने बताया कि पालिका का स्ट्रीट लाइट, पालिका कार्यालय और अग्निशमन विभाग का बिल बकाया है। इसमें पालिका कार्यालय का चार 18 हजार 872 रुपये, अग्निशमन विभाग का तीन लाख 47 हजार 581 रुपये का बिल बकाया है। स्ट्रीट लाइट का एक करोड़ पांच लाख 49 हजार 168 रुपये बकाया है।
एसडीओ ललित अत्री ने बताया कि बिल न भरने के कारण विभाग ने पालिका को डिफाल्टर घोषित किया गया है। हर महीने पालिका के पास बिल भेजा जाता है, लेकिन पालिका ने साल 2018 से कोई बिल अदा नहीं किया। बिल की अदायगी को लेकर 16 मार्च को नोटिस भेजा गया था, लेकिन पालिका ने बिल अदा नहीं किया। वहीं पालिका के नोटिस के बारे में उन्होंने बताया कि पालिका की ओर से उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है।
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दिसंबर 2017 में बिजली विभाग ने पालिका को एक करोड़ 15 लाख 29 हजार 191 रुपये का बिल थमाया था। इसके जबाव में पालिका ने भी निगम को हाउस टैक्स, बिल्डिंग टैक्स व म्यूनिसिपल टैक्स करीब 38 लाख रुपये का नोटिस दिया था। तब सीएम मनोहर लाल ने बिजली विभाग को 98 लाख रुपये का चेक देकर मामला शांत कराया था।
पालिका चेयरमैन अशोक सिंगला ने बताया बिजली विभाग औसत आधार पर बिल भेज रहा है। पालिका की ओर से रीडिंग के आधार पर बिल भेजने के लिए पत्र भी लिखा गया है। पालिका दो बार 98 लाख और 88 लाख रुपये के चेक देकर भुगतान कर चुकी है। फिलहाल पालिका बिजली विभाग पर अपने पेंडिंग टैक्स को खंगाल रही है। बिजली विभाग पर 36 लाख 68 हजार 595 रुपये प्रोपर्टी टेक्स बकाया है।
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