कुरुक्षेत्र। शिरडी साईं सेवा संघ द्वारा स्थापित साईं मंदिर में वीरवार को सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर में लोगों ने गुरु स्थान की परिक्रमा की और धूनी माई पर अगरबत्तियां लगाईं। इससे पहले साईं पालकी भी निकाली गई। मंदिर में गायकों द्वारा सुनाए गए भजन तेरे भरोसे मेरी गाड़ी ओ साईं शिरडी वाले...और झूम के नाचो भक्तों, साईं का मेला आ गया...पर भक्त झूम उठे। श्रद्धालुओं ने साईं मंत्र का जाप आरती में भाग लिया।
संस्था अध्यक्ष डाॅ. विजय शर्मा ने शिरडी साईं बाबा की महिमा बताते हुए कहा कि साईं बाबा कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग के मूर्तिमान रूप थे और अपने भक्तों को भी यही शिक्षा दिया करते थे। उनके जीवन काल में अनेक दुष्ट लोग उन्हें अपमानित करते हुए पीड़ा पहुंचाते थे लेकिन साईं कभी भी अपना धैर्य नहीं खोते थे और भक्ति मार्ग पर चलते हुए मानवता की सेवा में लगे रहते थे। साईं आरती में पुजारी अनमोल शास्त्री, श्याम सुदंर सेठी, परविंद्र मनचंदा, राजेश्वर सहित अन्य पुजारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।