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मुरली मनोहर आये जित उड़ै जाकै देखो जी-म्हारी गीता जयंती कुरुक्षेत्र मैं आकै देखो जी : गजेंद्र फौगाट

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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हरियाणा के प्रसिद्ध लोक कलाकार गजेंद्र फौगाट ने सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में अपने गीतों के द्वारा श्रोताओं और दर्शकों का मन मोह लिया। गायक गजेंद्र फौगाट ने हरियाणवी, पंजाबी गीतों के द्वारा समा बांध दिया। इसके साथ ही प्रसिद्ध लोक कलाकार डॉ. महावीर गुड्डू ने भी सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाने में अहम भूमिका अदा की।
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2023 में वीरवार को देर सायं पुरुषोत्तमपुरा बाग में हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सौजन्य से प्रसिद्ध कलाकार गजेंद्र फोगाट और डाॅ. महावीर गुड्डू नाइट का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, स्वामी राजेंद्र प्रसाद महाराज, हरियाणा डेयरी एवं पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, कुुरक्षेत्र 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने दीप प्रज्वलित करके विधिवत रूप से सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। इस दौरान केडीबी की तरफ से सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।
गजेंद्र फौगाट ने गीता जयंती पर आधारित गीत म्हारी गीता जयंती कुरुक्षेत्र में आकै देखो जी, ब्रह्मसरोवर में नहाकर देखो, भीम रसोई खाका देखो के द्वारा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का बखान किया। दिलबर के लिए दिलदार हैं हम, दुश्मन के लिए तलवार है हम, गोरे के न काले के, हम है श्याम मुरली वाले के, गंगा जमुना जैसा पावन ब्रह्मसरोवर का जल, गीता पढ़ लें आके ले जा हर मुश्किल का हल आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
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उन्होंने फिल्मी गीत हमको तुमसे हो गया है प्यार, क्या करें, गोरे के न काले के, हम है श्याम मुरली वाले के। हरियाणवी गायक गजेंद्र फौगाट ने अपने गीतों की प्रस्तुति के माध्यम से जहां दर्शकों एवं श्रोताओं का मनोरंजन किया, वहीं उनमें देशभक्ति की भावना को बढ़ाने का काम किया। उन्होंने अपने गायन के माध्यम से राधा-कृष्ण की लीलाओं का बखूबी वर्णन किया। एक अन्य गीत दुनिया में कीतै चले जाइओ, याद रखियो भाईयों न, अपना गांव जरूर दिखाइयो बालकों न। उन्होंने युवाओं से अनुरोध किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाए। उन्होंने कई अन्य हरियाणवी गीतों की प्रस्तुति कर श्रोताओं का मन मोह लिया। प्रसिद्ध कलाकार डाॅ. महावीर गुड्डू ने भी बेहतरीन लोक गीतों की प्रस्तुतियां दी। इन लोक गीतों के माध्यम से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इन लोक गीतों से हरियाणा प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के दर्शन करवाने का अनोखा प्रयास किया। इन प्रस्तुतियों की सभी दर्शकों ने तालियां बजाकर सराहना की है।
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