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नहर में गहराई तक पांच घंटे चला सर्च अभियान, पर नहीं मिला मोनू

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मिर्जापुर वासी मोनू की तलाश में पिछले सात दिन से चलाए जा रहे सर्च अभियान में अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। रविवार को फिर से नहर में उस जगह सर्च अभियान चलाया गया जहां पर आरोपियों ने मोनू को नहर में धकेलने की बात स्वीकारी थी। थर्ड चौकी प्रभारी जगदीश सिंह की मौजूदगी में गौताखोर प्रगट सिंह व उनकी टीम ने चार से पांच घंटे नहर की गहराई में जाकर मोनू की तलाश की, लेकिन फिर भी मोनू का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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चौकी प्रभारी जगदीश ने कहा कि सात दिन से लगातार नहर पर सर्च अभियान चलाने के साथ-साथ दिन रात मोनू के परिजन नहर पर पहरा भी दे रहे हैं। वहीं दोनों आरोपियों को तीन दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने बाद अदालत में पेश कर न्यायीक हिरासत में भेज दिया गया है। गौताखोर प्रगट सिंह ने कहा कि पिछले सात दिन में भाखड़ा नहर में करीब 50 किलोमीटर तक सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें दबखेडी से करनाल मुणक तक रोजाना करीब 27 पुलों के नीचे भी अच्छे से तलाशा जाता रहा है। उनके साथ सिंदर, नरेंद्र, गोपी व महिंद्र बिल्ला भी इन सात दिनों से नहर में मोनू की सर्च कर रहेे हैं।
फिलहाल इस सर्च ऑप्रेशन को बंद किया जा रहा है। वहीं साइफन पर अभी भी परिजन नजर बनाए रखे हैं। बता दें 14 जुलाई को मिर्जापुर वासी मोनू को उसके दोस्त शैलेंद्र व संदीप ने शराब पिलाकर नहर में धकेल दिया था। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार किए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था, जहां उन्होंने कबूला था कि उन्होंने साजिश के तहत मोनू को भाखड़ा नहर के पास लेकर जाकर नहर में धकेला है। पुलिस इस मामले को अवैध संबंधों से जोडकर देख रही है। हालांकि जब तक मोनू का कुछ पता नहीं चल पाता तब तक मामले का पूरा खुलासा नहीं हो पाएगा।
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