कुरुक्षेत्र। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते प्राचार्य व अन्य सदस्य।स्वयं
कुरुक्षेत्र। महान स्वतंत्रता सेनानी और महाकवि सुब्रह्मण्यम भारती की जयंती के उपलक्ष्य में गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में भारतीय भाषा उत्सव का आयोजन किया गया। सप्तम कक्षा के विद्यार्थी आदित्य और रूहानी ने सुब्रह्मण्यम भारती के जीवन, साहित्यिक योगदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला। इसके बाद अष्टम कक्षा के विद्यार्थियों ने तमिल भाषा में देशभक्ति आधारित नाटक प्रस्तुत किया। वहीं गायत्री ने तमिल में द्रविड़ संस्कृति, परंपराओं और महान संत तिरुवल्लुवर के बारे में जानकारी दी।
मराठी प्रस्तुति में मयूरेश और आर्यन ने विट्ठल महाराज की शिक्षाओं पर सुंदर संवाद किया। बंगाली भाषा में आनंद मठ पर मयंक, मेहनाज और रूहिना ने प्रभावशाली चर्चा की। कन्नड़ भाषा में विनायक, गर्विश और युवराज ने विकसित भारत विषय पर रोचक नाटक किया। उत्तर भारत की भाषाई प्रस्तुतियों में राजस्थानी भाषा में विधि, रक्षिता, क्षिप्रा और तनिष्का ने अतिथिसत्कार पर लघु नाटिका प्रस्तुत की जिसमें राजस्थानी संस्कृति, भोजन और वेशभूषा को खूबसूरती से दिखाया गया। पहाड़ी भाषा में अर्णव, काम्या और मेघा ने पर्वतीय जीवन और पर्यटन पर आधारित नुक्कड़ नाटक किया। पंजाबी प्रस्तुति में याशी और माही ने शिक्षा व्यवस्था पर शिक्षाप्रद नाटक प्रस्तुत किया।
राष्ट्रभाषा हिंदी में छात्रों के समूह गान ने अनेकता में एकता का सशक्त संदेश दिया। संस्कृत के क्रम में यथार्थ, माहिरा और अक्षिता ने मधुर वार्तालाप से सिद्ध किया कि संस्कृत सरल व सुंदर भाषा है। वरिष्ठ आचार्य डॉ. संतोष देवांगन ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत गाकर वातावरण को आनंदमय बना दिया। प्राचार्य नारायण सिंह ने विभिन्न भाषाओं की सूक्तियों से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।