कुरुक्षेत्र। आयुष विश्वविद्यालय के समीप फुटपाथ पर आवारा कुत्तों का झुंड। संवाद
कुरुक्षेत्र। शहर के लोगों को लावारिस कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर प्रशासन ने एक बार फिर कमर कस ली है। पिछले माह 14 नवंबर से ठप पड़े अभियान को फिर से शुरू किया जाएगा जिसके लिए जोरों से तैयारी शुरू कर दी गई है। जींद की संबंधित फर्म को फिर से यह अभियान शुरू करने के लिए नोटिस भेजा गया है। संभावना जताई जा रही है कि अगले एक सप्ताह तक यह कार्य शुरू होगा।
करीब चार माह पहले नगर प्रशासन ने जींद की नैन फाउंडेशन को करीब 1150 रुपये प्रति कुत्ता पकड़े जाने का टेंडर सौंपा था जिसके बाद अक्तूबर माह से ही फर्म ने शहर के विष्णु कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, चौताला मोहल्ला सहित विभिन्न क्षेत्रों से 200 से ज्यादा कुत्तों को पकड़ा था जिसके साथ ही नसबंदी भी शुरू कर दी गई थी। कुत्तों को रखे जाने के लिए मिर्जापुर में आश्रय स्थल बनाया गया था लेकिन करीब 15 दिन बाद ही नगर प्रशासन के पास कुत्तों को पकड़े जाने व नसबंदी किए जाने से लेकर आश्रय स्थल पर भी नियमों की अनदेखी की शिकायतें पहुंचने लगी थीं। यहां तक कि उच्च स्तर तक भी यह मामला पहुंचा था जिसके बाद अभियान को रोक दिया गया। 14 नवंबर से ठप पड़े अभियान को फिर से शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पिछले वर्ष 2024 में नगर प्रशासन ने शहर में घूम रहे लावारिस कुत्तों का सर्वेक्षण करवाया था। इसमें पता चला था कि तीन हजार से ज्यादा कुत्ते हैं।