कुरुक्षेत्र। सिविल जज जूनियर डिवीजन रेणु बाला की अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिकवरी सूट को मंजूर करते हुए शहर वासी निहारिका के खिलाफ एक्स-पार्टे डिक्री जारी की है। महिला को बैंक की ओर से 3,28,855 रुपये की दी गई राशि का भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ महिला को मुकदमा दायर करने की तारीख से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देेना होगा।
आदेश के मुताबिक मामला वर्ष 2017 का है जब निहारिका ने ब्यूटी पार्लर चलाने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत एसबीआई की न्यू ग्रेन मार्केट शाखा से पांच लाख रुपये का लोन लिया था। लोन के एवज में एग्रीमेंट सहित सभी जरूरी दस्तावेज साइन किए और पार्लर के सामान को गिरवी रखा। निहारिका ने लोन की किश्तें नियमित नहीं चुकाईं जिससे खाता 10 जून 2019 को एनपीए घोषित हो गया। बैंक ने 10 अक्तूबर 2022 को लीगल नोटिस भेजा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 9 अक्तूबर 2022 तक कुल 3.28 लाख रुपये बकाया हो गए।
मुकदमा दायर होने के बाद निहारिका को नोटिस भेजा गया लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुई। 11 दिसंबर 2024 को उनके खिलाफ एक्स-पार्टे कार्यवाही शुरू हुई। बैंक की ओर से ब्रांच मैनेजर वरुण विकास राठी ने गवाही दी और लोन एप्लीकेशन, सैंक्शन लेटर, एग्रीमेंट, स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट सहित सभी दस्तावेज पेश किए, जो बिना चुनौती के स्वीकार कर लिए गए। अदालत ने बैंक का दावा साबित मानते हुए डिक्री जारी की। निहारिका को दो महीने में राशि चुकाने का समय दिया गया है, इसके बाद बैंक संपत्ति की बिक्री से वसूली कर सकेगा।