लाडवा। दबखेड़ा गांव में पत्नी निशा की हत्या के बाद आत्महत्या करने के मामले में पुलिस जांच में सामने आया है कि निशा की एक पाकिस्तानी नंबर से लगातार बातचीत हो रही थी जिससे रणदीप बेहद परेशान था। इस नंबर को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल की विशेष टीम गांव पहुंची और निशा के मोबाइल से डाटा रिकवर करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी नंबर से कॉल करने वाले युवक ने व्हाट्सएप पर निशा से जो चैट की थी। उन्हें एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिलीट कर देता था। अब साइबर सेल डिलीट की गई चैट को रिकवर करने में जुटी है, ताकि बातचीत का पूरा पता लग सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि रणदीप ने मरने से पहले कीटनाशक पीया था लेकिन प्राथमिक मौत का कारण डूबना बताया गया है। रणदीप तलाक लेना चाहता था।
उसने गांव के सरपंच प्रतिनिधि से सलाह ली और फिर लाडवा थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा लेकिन अधिकारी नहीं मिलने से निराश होकर लौट आया। सुसाइड नोट में रणदीप ने लिखा था कि निशा के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उसे उसकी संपत्ति का कोई हिस्सा न मिले। घटना की रात उसी नंबर से निशा के पास फोन आया जिसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हुआ और रणदीप ने बेल्ट से निशा का गला घोंट दिया। इसके बाद उसने गांव के जोहड़ में छलांग लगा दी। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने मामला हत्या व आत्महत्या का दर्ज किया है।
साइबर सेल की टीम मोबाइल डाटा विश्लेषण के साथ-साथ पाकिस्तानी नंबर की लोकेशन व कॉल डिटेल्स प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।