सांसद राजकुमार सैनी पर स्याही फेंकने व हमला करने के आरोपियों में से फरार पांचवें आरोपी जितेंद्र ने सोमवार को केयू के पुलिस थाने में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने रविवार को पकड़े गए चार आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां दो दिन के रिमांड पर भेजने के आदेश हुए। अदालत ने आरोपियों का मेडिकल परीक्षण करवाने को भी कहा है।
पुलिस के अनुसार महाराजा अजमीढ़ जयंती समारोह में शामिल होने आए सांसद सैनी पर रविवार को सेल्फी लेने के बहाने स्याही फेंकी गई और हाथापाई की गई। आरोपियों ने सांसद पर इंकलाब जिंदाबाद के पर्चे भी फेंके। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी हिसार निवासी हरिकेश, संदीप, सौरव, प्रवीन व जितेंद्र सहित 10-12 अन्य के खिलाफ देर रात भादंसं की धारा 148, 149, 153 ए, 307, 323, 504 व 120 बी के तहत मामला दर्ज किया था। सोमवार सुबह जितेंद्र के अलावा अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने दिए मेडिकल करवाने के आदेशः अदालत ने आरोपी पक्ष के वकील नवनीत ढुल की मांग पर घटना की वीडियो देखी। इसमें मौके पर मौजूद लोग आरोपियों के साथ मारपीट भी करते दिख रहे हैं। इस पर अदालत ने पुलिस को आरोपियों का मेडिकल परीक्षण करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा मामला सिर्फ स्याही फेंकने तक का था, लेकिन 307 की धारा लगाना गलत है।
स्याही फेंकने वालों का समर्थन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने कहा कि युवकों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए गए तो समिति सरकार के खिलाफ धरने, प्रदर्शन का निर्णय लेगी। हिसार में आयोजित समिति के पदाधिकारियों की बैठक में समिति सदस्यों ने कहा कि सांसद सैनी जाट आरक्षण के खिलाफ लगातार बयानबाजी करते रहे हैं, स्याही फेंकने की घटना उसकी का परिणाम है। जींद के दनौदा में बिनैण खाप के चबूतरे पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक प्रधान जयसिंह नैन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में फैसला लिया कि सांसद सैनी पर स्याही फेंकने वाले युवाओं को जाट समाज के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन पर दर्ज केस को वापस नहीं लिया तो जींद में सीएम मनोहरलाल का घेराव किया जाएगा।
स्याही फेंकने का विरोधः सैनी पर स्याही फेंकने के विरोध में रोहतक में लोकतंत्र सुरक्षा मंच रेलवे ट्रैक पर धरना देगा।