एनआईटी कुरुक्षेत्र ने सीक ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (एमजीआईईपी) के साथ समझौता किया है। बुधवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र ने यूनेस्को एमजीआईईपी के साथ समझौते पर एनआईटी निदेशक प्रो. बीवी रमण रेड्डी व एनआईटी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. पंकज चांदना ने हस्ताक्षर किए।
युवा दल के प्रमुख एबेल केन और यूनेस्को एमजीआईईपी की कार्यकारी अधिकारी अर्चना चौधरी भी उपस्थित रहीं। इस समझौते के तहत शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यक सॉफ्ट स्किल को कैसे पढ़ाया जाता है के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। समझौते का उद्देश्य संस्थान के विद्यार्थियों को सशक्त बनाना है और ऑनलाइन व्याख्यान और जिज्ञासाओं के माध्यम से सामाजिक और भावनात्मक कल्याण की यात्रा शुरू करना है। एनआईटी के निदेशक डॉ. रेड्डी ने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र सभी एनआईटी में से पहला है जो अपने छात्रों और कर्मचारियों को सीक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इस समझौते के पहले चरण में छह हजार विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पेशकश की जाएगी और यह संख्या समय के साथ तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, एनआईटी कुरुक्षेत्र के शिक्षार्थियों को एक समर्पित सीक ऑनलाइन समुदाय में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
कार्यक्रम संज्ञानात्मक कौशल के अलावा सहानुभूति, दिमागीपन, करुणा, महत्वपूर्ण पूछताछ जैसे कौशल विकसित करने की पेशकश करता है जो आमतौर पर अधिकांश संस्थानों का प्राथमिक ध्यान केंद्रित होता है। कहा कि यह समझौता एनआईटी कुरुक्षेत्र को अपने सभी छात्रों को समग्र व्यक्तित्व विकास प्रदान करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।