कैथल। ट्रैक्टर दुर्घटना के बीमा दावे को बिना पर्याप्त आधार के खारिज करना बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 77 हजार रुपये से अधिक भुगतान के आदेश दिए हैं। आयोग की अध्यक्ष नीलम कश्यप और सदस्यगणों की पीठ ने शिकायत स्वीकार करते हुए जनरल इंश्योरेंस कंपनी को 67,825 रुपये की दावा राशि, 5,000 रुपये मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे और 5,000 रुपये मुकदमा खर्च अदा करने के निर्देश दिए।
आयोग ने स्पष्ट किया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो देय राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। लदाना चक्कू निवासी ओम प्रकाश ने आयोग में दायर शिकायत में बताया कि उनका सोनालिका ट्रैक्टर बीमित था। मई 2023 में ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने नियमानुसार बीमा कंपनी को सूचना देकर वाहन की मरम्मत करवाई लेकिन बाद में कंपनी ने दावा अस्वीकार कर दिया। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि ट्रैक्टर का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा था और दुर्घटना की परिस्थितियां संदिग्ध थीं। हालांकि आयोग ने पाया कि कंपनी अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। आयोग ने कहा कि केवल आशंकाओं और अनुमानों के आधार पर वैध बीमा दावा निरस्त नहीं किया जा सकता।