कुरुक्षेत्र। मानसून ने शनिवार को आसपास के जिलों में दस्तक दे दी है, जिसके साथ ही कभी भी धर्मनगरी में भी झमाझम बारिश शुरू हो सकती है लेकिन अभी तक छोटे नालों से लेकर बरसाती ड्रेनों की पूरी तरह से सफाई नहीं हो पाई है। समय रहते अधिकारी उचित कदम नहीं उठा सके, जिसके चलते अब नाले व ड्रेनों की सफाई तथा दूसरे प्रबंधों को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं। राज्यमंत्री सुभाष सुधा भी किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। ऐसे में अब दिन-रात एक कर सफाई कार्य को सिरे चढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ये प्रयास व अब तक किए जाते रहे दावे में कितने सटीक बैठते हैं यह तो बारिश होने के बाद ही पता चल सकेगा।
पिछले वर्ष की तरह न करना पड़ जाए जलभराव व बाढ़ का सामना
पिछले वर्ष आई बाढ़ व हुए जलभराव से मिले जख्मों को लोग अभी तक भूले नहीं हैं। अब मानसून आया तो लोगों में फिर भय दिखाई देने लगा है। सरस्वती कॉलोनी, न्यू सरस्वती कॉलोनी, कामरेड कॉलोनी, दीदार नगर, शांति नगर आदि के लोगों का कहना है कि इस बार भी समय रहते नालों व ड्रेनों की पूरी तरह से सफाई नहीं की जा सकी है। हालांकि करीब 15 दिनों से कुछ कर्मचारी सफाई करते दिखाई देने लगे हैं, लेकिन यह कार्य और पहले शुरू कर देना चाहिए था। आज तक भी सफाई कार्य नहीं निपट पाया है और ऐसे में कहीं उन्हें इस बार भी पिछले वर्ष के बने हालात का सामना न करना पड़े।
चौतंग नाले की सफाई में ही फूल रहा दम
शहर में सबसे बड़े चौतंग नाले की सफाई में ही नप कर्मचारियों का दम फूल रहा है। हालांकि पिछले कई दिनों से रुक-रुककर इस नाले की सफाई की जा रही है तो वहीं रविवार को भी कई जेसीबी व दर्जन भर सफाई कर्मियों को इस कार्य में उतारा गया, लेकिन देर शाम तक भी कार्य पूरा नहीं हो सका। इस नाले के बड़े भाग की छत अलग-अलग जगहों पर दूर तक ढांप दी गई है तो कई जगह यह गली के तौर पर ही काम आ रहा है। ऐसे में इसकी सफाई करना चुनौती बन गई है।
सफाई कार्य में खामी मिली तो सस्पेंड समझें संबंधित अधिकारी : राज्यमंत्री
राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने रविवार को बस अड्डे पर श्री खाटू श्याम जी के लिए बस रवाना करने के दौरान पत्रकारों से चर्चा में कहा कि बारिश के सीजन से पहले ही अधिकारियों को ड्रेन व नालों की सफाई कार्य पूरी कर लिए जाने के आदेश दे दिए गए थे। इसके बावजूद उनके पास कोई शिकायत पहुंची तो संबंधित अधिकारी खुद को सस्पेंड समझ लें। लापरवाही किसी भी स्तर पर सहन नहीं की जाएगी। ऐसे अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
एसी कमरे में न बैठें अधिकारी, फील्ड में करना होगा काम
राज्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेताया कि अधिकारी या कर्मचारी एसी कमरे में न बैठें बल्कि धरातल पर यानि फील्ड में उतरकर सफाई व्यवस्था के कार्य को दुरुस्त करवाएं। मानसून किसी भी समय आ सकता है, इसलिए सभी ड्रेने, नाले, नालियां की सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। उन्होंने सिंचाई विभाग, हैरिटेज सरस्वती बोर्ड, जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाली ड्रेनों व अन्य की सफाई करवाना सुनिश्चित करें।